सिजेरियन डिलीवरी के बाद ब्रेस्टफीड कराने से बच्चे को हो सकता है तनाव

ऐसी माएं जिनके बच्चे का जन्म सीजेरियन के जरिए हुआ, उनके दूध में कॉर्टिसोल तनाव हार्मोन की मात्रा ज्यादा थी. कॉर्टिसोल मूड और विकास को प्रभावित करता है.

Advertisement
सिजेरियन डिलीवरी के बाद आती है ये प्रॉब्लम सिजेरियन डिलीवरी के बाद आती है ये प्रॉब्लम

भूमिका राय / IANS

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

सिजेरियन डिलीवरी के बाद मां को कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो जाती हैं लेकिन पहली बार एक अध्ययन में पाया गया है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद ब्रेस्टफीड कराने से बच्चे को तनाव की शिकायत हो जाती है.

न्यूजीलैंड में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, ऐसी माएं जो सीजेरियन बच्चे को जन्म देती हैं, उनके बच्चों को मां के दूध से हार्मोन के जरिए तनाव मिल सकता है. ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के लिग्निस संस्थान के शोधकर्ताओं ने 650 मांओं के दूध के नमूनों का विश्लेषण किया. इस अध्ययन के लिए ऐसी मांओ को शामिल किया गया जिनके बच्चे तीन से चार महीने के थे.

Advertisement

अध्ययन के परिणाम के अनुसार, ऐसी माएं जिनके बच्चे का जन्म सीजेरियन के जरिए हुआ, उनके दूध में कॉर्टिसोल तनाव हार्मोन की मात्रा ज्यादा थी. कॉर्टिसोल मूड और विकास को प्रभावित करता है.

हालांकि तनाव हार्मोन की एक तय मात्रा शरीर के बेहतर विकास के लिए जरूरी होती है. पशुओं पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि दूध में कॉर्टिसोल की

मां के दूध में पोषण और इम्यून पावर बढ़ाने की क्षमता होती है. लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अभी साफ नहीं हो सका है कि तनाव हार्मोन बच्चों के विकास पर किस तरह असर डालता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे बच्चों में तनाव के कारणों को रोकने में मदद मिलेगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement