प्रेग्नेंसी में नाइट शिफ्ट करना हो सकता है खतरनाक

नाइट शिफ्ट करने से हमारी बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब हो जाती है. जिसका नतीजा ये होता है कि हॉर्मोन्स का संतुलन भी बिगड़ जाता है. हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ने से मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है.

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प्रेग्नेंसी में नाइट शिफ्ट प्रेग्नेंसी में नाइट शिफ्ट

भूमिका राय

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

ये वो समय होता है जब एक महिला को सबसे अधिक देखभाल की जरूरत होती है. खासतौर पर उन महिलाओं को जो ऑफिस जाती हैं. हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान एक्ट‍िव बने रहना मां और बच्चे दोनों के लिए ही अच्छा है लेकिन इस दौरान मां के नाइट शिफ्ट करने का बुरा असर बच्चे पर भी पड़ सकता है.

नाइट शिफ्ट करने से हमारी बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब हो जाती है. जिसका नतीजा ये होता है कि हॉर्मोन्स का संतुलन भी बिगड़ जाता है. हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ने से हो सकता है.

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नाइट शिफ्ट करने से हो सकती हैं ये परेशानियां:

1. नाइट शिफ्ट करने का सबसे बुरा असर दिल पर पड़ता है. प्रेग्नेंसी में यूं ही ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है. ऐसे में नाइट शिफ्ट करने पर दिल से जुड़ी बीमारियों के होने की आशंका और बढ़ जाती है.

2. रात में जगने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है. इससे दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही ये डायबीटिज को भी न्योता देने का काम करता है. प्रेग्नेंसी में डायबीटिज होना बहुत खतरनाक हो सकता है.

3. नाइट शिफ्ट करने से बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब हो जाती है. ऐसे में दिनभर सुस्ती बनी रहती है और कैलोरी बर्न नहीं होती. कैलोरी बर्न नहीं होने की वजह से वजन बढ़ने लगता है. प्रेग्नेंसी में

4. नाइट शिफ्ट करने से ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ता है. प्रेग्नेंसी में यूं भी ब्लड प्रेशर फ्लक्चुएट होता है, जिससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं.

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