नवजात शिशु क्यों होते हैं जीका सिंड्रोम का शिकार? सामने आई ये वजह

जर्नल साइंस एडवांस में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि ब्राजील जेडआईकेवी से व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है, लेकिन पूर्वोत्तर के सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित क्षेत्र में 75 फीसदी सीजेडएस पाए गए हैं.

जन्मजात जीका सिंड्रोम जीका वायरस से जुड़े जन्मजात संक्रमण संबंधी विकृतियों को संदर्भित करता है.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

शोधकर्ताओं ने पाया है कि जन्मजात जीका सिंड्रोम (सीजेडएस) के मामलों में वृद्धि शिशुओं की माताओं के बीच खराब आहार से जुड़ी है. जन्मजात जीका सिंड्रोम जीका वायरस (जेडआईकेवी) से जुड़े जन्मजात संक्रमण संबंधी विकृतियों को संदर्भित करता है.

इस सिंड्रोम में विनाशकारी स्थितियां शामिल हैं, जो व्यक्ति और उनके परिवार के शेष जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव डालती हैं. जैसे कि स्मॉलर (माइक्रोसेफाली) और अनफोल्डिड (लिस्सेफैलिक) मस्तिष्क, रेटिनल असामान्यताएं, दिल के बढ़े हुए वेंट्रिकल, मस्तिष्क में इंटर-हेमिसफेरिक कनेक्शन और कैल्सीफिकेशन की कमी.

जर्नल साइंस एडवांस में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि ब्राजील जेडआईकेवी से व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है, लेकिन पूर्वोत्तर के सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित क्षेत्र में 75 फीसदी सीजेडएस पाए गए हैं.

अमेरिका में ऑक्सफोर विश्वविद्यालय और ब्राजील में रियो डी जनेरियो के संघीय विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, "हम जानते थे कि ब्राजील के सबसे कम सामाजिक-आर्थिक स्थिति वाले क्षेत्रों में सीजेडएस के कारण शिशुओं में इस वृद्धि का उच्चतम स्तर है. यही कारण है कि हमने जेडआईकेवी और संभावित सबसे महत्वपूर्ण सह कारकों के बीच पोषण का एक संभावित लिंक देखा है."

इस अध्ययन से पता चला है कि जेडआईकेवी जन्मजात संक्रमण कुछ अन्य कारणों से और भी भयानक हो जाता है, जिसमें पर्यावरणीय सह-कारक, विशेष रूप से आहार में प्रोटीन की कमी.

जीका वायरस संक्रमण और सीजेडएस के बीच लिंक का पिछले अध्ययनों में साबित हुआ था, जिससे शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद मिली कि संक्रमण ने मस्तिष्क और रक्त वाहिकाओं के विकास को कैसे प्रभावित किया.

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