ये हैं BSF की पहली लेडी असिसटेंट कमांडेंट, रचा इतिहास...

51 साल के इतिहास में BSF को पहली लेडी असिस्टेंट कमांडेंट मिली है, पंजाब में सीमा की सुरक्षा का जिम्मा मिला है.

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तनुश्री तनुश्री

खुशदीप सहगल

  • बीकानेर,
  • 27 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के 51 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि इसे महिला असिस्टेंट कमांडेंट मिली है. राजस्थान के बीकानेर की रहने वालीं तनुश्री पारीक पंजाब सीमा पर देश के निगहेबानी के लिए तैनात रहेंगी. पासिंग आउट परेड के बाद पहली बार तनुश्री अपने गृहनगर बीकानेर पहुंची तो उनका लोगों ने तिरंगे के साथ जमकर स्वागत किया.

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दो दिन पहले ग्वालियर के टेकनपुर में तनुश्री की पासिंग आउट परेड हुई. परेड का नेतृत्व तनुश्री ने किया.इस परेड के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ की पहली लेडी असिस्टेंट कमांडेट के तौर पर सम्मानित किया. तनुश्री को बेस्ट इन ड्रिल, ऑल राउंड बेस्ट ट्रेनी, एफ एंड सी फ्रंटियर ट्रॉफी फॉर पब्लिक स्पीकिंग ट्राफी से नवाजा गया.

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बीकानेर में तनुश्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो अपनी इस उपलब्धि के लिए सबसे पहले अपने दादाजी को श्रेय देती हैं जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया. तनुश्री ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान इंस्ट्रक्टर्स ने भी उन पर पूरा भरोसा करते हुए आगे बढ़ने के लिए हर तरह का समर्थन दिया. तनुश्री ने कहा कि बच्चों में लड़के-लड़की जैसा कोई भेद नहीं होना चाहिए. हर किसी में क्षमता होती हैं जरूरत है उसे बस मौका देकर निखारने की.

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तनुश्री के मुताबिक इस वक्त उनका पूरा फोकस उन्हें मिली जिम्मेदारी पर है जिसे वो अपनी पूरी क्षमता और योग्यता के साथ पूरा करेंगी.

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