Shardiya Navratri 2023: देशभर में प्रसिद्ध हैं मां दुर्गा के ये मंदिर, एक बार जरूर करें दर्शन

शारदीय नवरात्रि के इस पावन मौके पर आज हम आपको पूरे भारत में स्थित मां दुर्गा के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं कहां-कहां हैं ये मंदिर.

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Maa Durga Famous Temples, Photo Credit: vaishnodevi_temple/Getty Images Maa Durga Famous Temples, Photo Credit: vaishnodevi_temple/Getty Images

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST

नवरात्रि हिंदुओं के बड़े त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में काफी धूमधाम से मनाया जाता है. नवरात्रि के मौके पर, मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और खूब पूजा-अर्चना करते हैं. साथ ही, इस दौरान भक्त मां दुर्गा के मंदिरों में भी दर्शन के लिए जाते हैं. नवरात्रि के इस मौके पर आज हम आपको भारत में स्थित मां दुर्गा के कुछ खास मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं. इन मंदिरों की अपनी खास मान्यता है और इन मंदिरों में दर्शन करने मात्र ले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में- 

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वैष्णो देवी मंदिर- यह भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है, जहां दुनिया भर से हिंदू श्रद्धालु आते हैं. जम्मू-कश्मीर के कटरा जिले में स्थित इस मंदिर में साल भर तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी रहती है. ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा यहां चट्टानों के रूप में एक गुफा के अंदर निवास करती हैं. यह मंदिर कटरा से 13 किलोमीटर की चढ़ाई पर है.

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, त्रिपुरा- हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जहां सती का दाहिना पैर गिरा था. यह मंदिर पूर्वोत्तर भारतीय राज्य त्रिपुरा के उदयपुर शहर (जिसे पहले रंगमती के नाम से जाना जाता था) में स्थित है. इस मंदिर में मां काली की पूजा सोरोशी के रूप में की जाती है. 

मंगला गौरी मंदिर, गया (बिहार)- लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, जहां आज मंदिर है, वहां देवी सती का स्तन गिरा था. यह मंदिर गया के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है और नवरात्रि उत्सव के दौरान यहां भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है.

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दंतेश्‍वरी मंदिर, छत्तीसगढ़- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित है दंतेवाड़ा का प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर. हसीन वादियों के लिए मशहूर यह मंदिर काफी पुराना है. ऐसी मान्यता है कि यहां सती का दांत गिरा था, जिसके कारण जगह का नाम दंतेश्वरी पड़ा.

दुर्गा मंदिर, वाराणसी- यह मंदिर रामनगर में स्थित है. माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण एक बंगाली महारानी ने 18 वीं सदी में करवाया था. यह मंदिर, भारतीय वास्तुकला की उत्तर भारतीय शैली की नागर शैली में बनी हुई है. इस मंदिर में एक वर्गाकार आकृति का तालाब बना हुआ है जो दुर्गा कुंड के नाम से जाना जाता है. यह इमारत लाल रंग से रंगी हुई है जिसमें गेरू रंग का अर्क भी है. मंदिर में देवी के वस्त्र भी गेरू रंग के है. एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में स्थापित मूर्ति को मनुष्य द्वारा नहीं बनाया गया है बल्कि यह मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी, जो लोगों की बुरी ताकतों से रक्षा करने आई थी. नवरात्रि और अन्य त्योहारों के दौरान इस मंदिर में हजारों भक्‍तगण श्रद्धापूर्वक आते हैं.

श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर- श्री महालक्ष्मी मंदिर विभिन्न शक्ति पीठों में से एक है और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है. यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है, मां के आशीर्वाद से वह मुराद पूरी हो जाती है. भगवान विष्णु की पत्नी होने के नाते इस मंदिर का नाम माता महालक्ष्मी पड़ा.

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नैना देवी मंदिर, नैनीताल- नैनीताल में, नैनी झील के उत्तरी किनारे पर नैना देवी मंदिर स्थित है. 1880 में भूस्खलन से यह मंदिर नष्‍ट हो गया था. बाद में इसे दोबारा बनाया गया. यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है. मंदिर में दो नेत्र हैं, जो नैना देवी को दर्शाते हैं.

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