बदलते वक्त के साथ रिश्तों की परिभाषा में भी काफी बदल गई है, जिसकी वजह से ब्रेकअप, तलाक भी ज्यादा बढ़ गई हैं. मॉर्डन रिलेशनशिप में रिश्ते बनने से पहले टूट रहे हैं और समय के साथ-साथ लोग कमिटमेंट से भी डरने लगे हैं. हाल ही में द कपिल शर्मा शो में अनन्या पांडे ने आज के रिश्तों पर खुलकर बात की.एक्ट्रेस ने आज के प्यार की 90 के दौर के प्यार से तुलना की, उन्होंने आजकल के प्यार को पॉपकॉर्न जैसा भी बताया. उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है, जहां कुछ लोग उनकी बात को सपोर्ट कर रहे हैं तो कुछ उनकी बात से असहमति जता रहे हैं.
अनन्या पांडे को हाल ही में कार्तिक आर्यन के साथ फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी' में देखा गया था, जो एक लव स्टोरी थी. अनन्या पांडे अक्सर ही अपने बयानों के चलते सुर्खियों का हिस्सा बन जाती हैं और इस बार भी उनका बयान उनको लाइमलाइट में ले आया है. हाल ही में कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में अनन्या ने मॉर्डन वर्ल्ड के प्यार को पॉपकॉर्न लव बताया और 90 के दशक के रिश्तों को ज्यादा कमिटमेंट वाला.
अनन्या ने कपिल के शो में बताया कि पहले जमाने का प्यार एक तरह से इंश्योरेंस पॉलिसी जैसा होता था, एक बार कमिटमेंट हो जाए, तो उम्र भर निभाने का इरादा रहता था. मुझे लगता है कि यही कारण है कि अब वफादारी नहीं रही. ऐसा लगता है कि प्यार अब पॉपकॉर्न जैसा हो गया है. थोड़ी सी गर्मी और लोग उछलने लगते हैं, बिल्कुल पॉपकॉर्न की तरह.
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि आजकल लोग लिव-इन रिलेशनशिप को कमिटमेंट समझ लेते हैं, उनको लगता है कि खर्चा शेयर करना और किराया बांटना ही कमिटमेंट है, हालांकि ये सब तो रूममेट्स भी करते हैं. जबकि आजकल फोन के पासवर्ड शेयर करने जैसी छोटी बातों पर भी ब्रेकअप हो जा रहे हैं और यही वजह है कि रिश्तों में लॉयल्टी कम होती जा रही है. सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस के इस बयान पर तरह-तरह रिएक्शन आ रहे हैं. इसके साथ ही उनकी बातों को सुनकर लोगों के बीच यह सवाल भी उठ गया है कि क्या सच में आज का प्यार इतना सेंसिटिव हो गया है और इसके पीछे की वजह क्या है?
आकाश हेल्थकेयर की एसोसिएट कंसल्टेंट साइकाइट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि डिजिटल लाइफ ने हमारी कमिटमेंट को देखने की सोच बदल दी है.
डॉ. शंकर का मानना है कि आज भी कमिटमेंट है, लेकिन अब वो लोगों की शर्तों और टाइमलाइन के हिसाब से आता है. पहले एक के साथ ही रिश्ता परमानेंट माना जाता था, लेकिन वो तो किसी सब्सक्रिप्शन की तरह हो गया है.
जल्दी ब्रेकअप की वजह क्या है?
साइकोलॉजी के मुताबिक, आजकल रिश्ते जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से टूट भी जाते हैं. इसके पीछे काफी सारी वजह है, जो आज के दौर में रिश्तों को कमजोर बना रही है.
सबसे बड़ा कारण तो यही है कि लोगों के दिमाग में यही चलता है कि कही इस रिश्ते की वजह से उनके हाथों से कोई दूसरा बेहतर ऑप्शन न छूट जाए.
सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज की वजह से आजकल लोग एक-दूसरे से इमोशनली अलग हो गए हैं. एक-दूसरे के साथ रहने के बाद भी लोग एक-दूसरे की फीलिंग को समझ नहीं पाते हैं.
कई बार कपल एक-दूसरे की अलग सोच को इनकम्पैटिबिलिटी का नाम दे देते हैं और फिर वो बिना कोशिश किए उस रिश्ते से बाहर निकल जाते हैं.
क्या खर्चा शेयर करना ही कमिटमेंट है?
अनन्या का कहना था कि साथ रहना या खर्चा बांटना इमोशनल कनेक्शन की गारंटी नहीं देता. उनकी इस बात पर डॉ. शंकर ने सहमत जताते हुए कहा, दो लोगों का साथ रहना नजदीकी ला सकता है, लेकिन सुविधा कमिटमेंट नहीं होती. जब हालात आसान न हों, तब भी रिश्ता निभाने की कोशिश ही असली कमिटमेंट होती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क