Jaya kishori marriage advice: राजस्थान के सुजानगढ़ की रहने वाली जया शर्मा ने मात्र 7 साल की उम्र से ही भजन गायन शुरू कर दिया था. इसके बाद गुरू से नाम मिला जया किशोरी और आज उन्हें हर कोई सोशल मीडिया पर या फिर कथाओं के जरिए उन्हें सुनता है. जया किशोरी को अक्सर आपने इंटरव्यूज में अपनी पर्सनल लाइफ और यंगस्टर्स के कई मुद्दों पर बात करते हुए सुना होगा. जया ने अपने एक वीडियो में रिलेशनशिप के बारे में बात करते हुए बताया है कि कैसी लड़कियों से शादी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने अपनी बात को काफी अच्छे से समझाया भी है.
जया किशोरी ने वीडियो में कहा, 'जिसका पीहर (लड़की का घर) में शादी के बाद मोह खत्म हो जाए, ऐसी लड़कियों से कभी शादी मत करो क्योंकि जिसने उनको जन्म दिया, उनका पालन पोषण किया, हर जिद पूरी की, इतना प्रेम दिया...अगर वो कुछ सालों में उनको भूल गयी तो आपको कितनी जल्दी भूल जाएगी.'
'और वैसे ही जो पुरुष आपके आते ही अपने मां-बाप को भूल गए, वो आपको कितनी जल्दी भूल जाएंगे? परिवार से कितना प्रेम है, ये तय करेगा कि उसको आगे जाकर अपने परिवार से कितना प्रेम होगा.'
आप तो उसकी एक्सटेंडेड फैमिली हैं ना क्योंकि एक्चुअल फैमिली तो आपके मां-बाप ही होते हैं.
एक्सटेंडेट फैमिली हसबैंड, वाइफ और बच्चे होते हैं. ऐसे में असली फैमिली से वो कितना प्यार करता है, वही तय करेगा कि वो एक्सटेंडेट फैमिली से कितना प्यार करेगा.'
'जो पहले वालों का ही सम्मान नहीं करते वो दूसरे का क्या सम्मान करेंगे. तो ये तो गलत रास्तों में जाके हम अपना जीवन खुद कॉम्पलिकेट कर रहे हैं.'
'लोग कहते हैं जिंदगी बड़ी कॉम्प्लिकेटेड है. मैंने कहा बिल्कुल नहीं है...हम बनाते हैं, जिंदगी तो बहुत आसान है.'
रिश्ते टूटने और मूव ऑन करने को लेकर भी दी थी सलाह
जया किशोरी अक्सर रिलेशनशिप एडवाइस देती रहती हैं. एक प्रवचन में उन्होंने रिश्तों के टूटने और जीवन में आगे बढ़ने को लेकर भी बात की थी.
जया किशोरी ने कहा, 'यादों से भागने या उन्हें दबाने के बजाय उन्हें समझना और संतुलन के साथ स्वीकार करना ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है. जो कुछ हम अपने लिए सोचते हैं, जिसकी कल्पना करते हैं, वैसा घटित नहीं होता. यह हमारे काम से जुड़ा हो सकता है, भविष्य की योजनाओं से, हमारी इच्छाओं से या फिर हमारे रिश्तों से. इन सब में सबसे अधिक पीड़ा हमें रिश्तों के टूटने-बिखरने से मिलती है.'
'कभी-कभी ऐसा होता है कि कोई बहुत करीबी या प्रेम-भरा रिश्ता टूट जाता है. वही रिश्ता, जिसमें हमारे जीवन की कुछ शानदार यादें बुनी होती हैं. इस रिश्ते का टूटना हमें बहुत कष्ट देता है. ऐसी यादों को भुलाना या मिटाना बहुत कठिन होता है और इन्हें भुलाने के प्रयास में हमें मानसिक तनाव और घुटन-सी होने लगती है. यह समस्या तब शुरू होती है, जब हम बार-बार अपने संबंध को याद करते हैं जो शायद हमें और दुखी कर देता है.'
'इस स्थिति में अक्सर हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि व्यक्ति में बिताए गए सुनहरे पलों की याद आना स्वाभाविक है. यह न तो गलत है और न ही अनुचित. अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहे हैं, जिसे आपने सच्चा चाहा हो, जिसके साथ यादगार पल बिताए हों, तो उन्हें याद करना मानवीय स्वभाव है. हम कोई मशीन नहीं हैं कि एक बटन दबाएँ और सारी यादें मिट जाएं. भावनाओं को दबाने से समाधान नहीं होता, बल्कि वे और भी तीव्रता के साथ वापस लौटती हैं.'
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क