अक्सर कहा जाता है कि एक लड़का और लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते. एक हालिया अध्ययन में यह बात साबित भी की गई है. यह अध्ययन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किया गया है.
दरअसल, अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल से निकलते ही किशोर और किशोरियों के दोस्तों के समिकरण बदल जाते हैं और कॉलेज में जाते ही लड़कों के ज्यादातर दोस्त लड़के ही बनते हैं.
पर रिपोर्ट में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इसके पीछे का कारण लिंगभेद नहीं होकर उनका व्यवहार है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और प्रोफेसर रॉबिन दनबार ने बताया कि लड़के जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उन्हें अपने सर्कल में ऐसे दोस्त पसंद आते हैं, जो उनके साथ बाहर खेलने जाएं, साथ शराब पी सकें और पब जा सकें.
रॉबिन ने बताया कि लड़कियां लड़कों की तरह बात नहीं कर सकतीं. जबकि लड़के ऐसे लोगों को ही पसंद करते हैं, जिनके साथ या जिनके सामने वो खुलकर बात कर सकें और मर्यादा जैसी कोई बात बीच में न आए.
मेधा चावला