लोगों से कई बार सुना होगा आपने, प्यार का नशा बड़ा खराब होता है. तो क्या वाकई प्यार में नशा होता है. एक हालिया अध्ययन में कुछ ऐसा ही दावा किया गया है. जानें क्यों होता है प्यार में नशा...
'प्यार में नशा होता है'. क्या वाकई ऐसा होता है? एक हालिया अध्ययन में कुछ ऐसा ही दावा किया गया है.
अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार प्यार में शराब जैसा नशा होता है.
दरअसल, प्यार में पड़े लोगों के मस्तिष्क में जिस तरह के बदलाव होते हैं, वो दरअसल, बिल्कुल वैसे ही होते हैं, जैसे कि शराब पीने के बाद.
जरनल ऑफ न्यूरोसाइंस एंड बीहेविओरल रीव्यूज की रिपोर्ट के अनुसार प्यार होने के बाद मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ जाता है. ऑक्सीटोसिन को लव हार्मोन या हग हार्मोन भी कहते हैं. ऑक्सीटोसिन और alcohal दोनों का असर मस्तिष्क पर एक समान होता है.
अध्ययनकर्ताओं के अनुसार जिस तरह नशीले पदार्थ पीने के व्यक्ति कुछ भी कहने में संकोच महसूस नहीं करता है. वो भयभीत होता है, पर उतना ही उत्सुक भी रहता है. उसका आक्रामक रूप देखने को मिलता है और कभी-कभी उसका घमंड भी सामने आता है.
प्यार में पड़े लोगों के साथ भी ऐसा ही होता है.
शोधकर्ताओं का दावा है कि शराब पीने और प्यार में पड़ने के बाद लोग ज्यादा खुश रहने लगते हैं. जबकि दोनों की खुमारी उतरने के बाद उदासी छा जाती है.