मोटापा-
एयर कंडीशनर में ज्यादा देर वक्त गुजारने से मोटापा बढ़ता है. दरअसल ठंडी जगह पर हमारे शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती है, जिससे शरीर की चर्बी बढ़ती है.
थकान-
एसी कमरे का टेम्परेचर कम कर देता है. ऐसे में व्यक्ति के शरीर को अपना तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जिसकी वजह से व्यक्ति को जल्दी थकान महसूस होती है.
दिमाग पर बुरा असर-
एसी की ठंडी हवा में ज्यादा देर बैठने से ब्रेन सेल्स सिकुड़ने लगते हैं. जिसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है. इसकी वजह से मस्तिष्क की क्षमता और क्रियाशीलता प्रभावित होती है और व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं.
साइनस-
तापमान में अचानक परिवर्तन होने की वजह से सांस संबंधी कई रोगों के लक्षण दिख सकते है. एसी में लगातार बैठे रहने की वजह से व्यक्ति के म्यूकस ग्लैंड हार्ड हो जाते हैं. शोधकर्ताओं की मानें तो जो लोग रोजाना 4 घंटे से अधिक समस के लिए एसी में बैठे रहते हैं, उन्हें साइनस का खतरा बना रहता है.
एलर्जी-
यदि एसी का फिल्टर लंबा समय तक साफ न किया जाए तो उससे निकलने वाली हवा में धूल और बैक्टीरिया के कण मौजूद रहने लगते हैं. जो सर्दी-जुकाम और एलर्जी का कारण बनते हैं.
ड्राई स्किन-
एसी में ज्यादा देर बैठने की वजह से त्वचा की नेचुरल नमी कम होने लगती है. जिसकी वजह से व्यक्ति की त्वचा में रूखापन और खुजली होने लगती है.
जोड़ों में दर्द-
एसी की ठंडी हवा का सबसे ज्यादा बुरा असर जोड़ों पर पड़ता है. इस हवा की वजह से गर्दन, हाथ, घुटनों में दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है. जो भविष्य में आर्थराइटिस का रूप भी ले सकता है.
आंखों में जलन-
एसी की हवा में ज्यादा देर तक बैठे रहने से व्यक्ति की आंखों में ड्रायनेस, खुजली,पानी आना और चुभन होने लगती है.