सत्तू सेहत के लिए एक तरह का वरदान है. सत्तू फाइबर से भरपूर होता है. इसी कारण यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है. साथ ही यह पेट की गड़बड़ियों को ठीक करके पेट को ठंडा रखने में कारगर है.
सत्तू खाने के बाद दो से तीन घंटों तक भूख का एहसास नहीं होता. इसलिए अगर आप वजन कम करने की कोशिश में हैं तो सत्तू आपके काम आ सकता है.
इसमें लो ग्लाईसेमिक इंडेक्स होते हैं, जिस वजह से यह मधुमेह के रोगी के लिए बहुत अच्छा होता है. सत्तू मांसपेशियों को मजबूत करने में भी मदद करता है.
सत्तू खून को साफ करता है. साथ ही यह कफ, पित्त, थकावट, भूख, प्यास और आंखों की बीमारियों से भी राहत पहुंचाता है.
मखाना एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. ये बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने का काम करता है. साथ ही कैल्शियम से भरपूर होने के कारण यह जोड़ों के दर्द में भी फायदा पहुंचाता है.
मखाने में अनहेल्दी कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है. ये आसानी से पच जाता है और दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होता है. कुछ खाने की क्रेविंग होने पर मखाना खाएं. ऐसा करने से आप अटर-पटर खाने से दूर रहेंगे और वजन बढ़ने का खतरा भी कम होगा.
रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध के साथ मखाना लेने से नींद अच्छी आती है. साथ ही स्ट्रेस भी कम होता है.
मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी मखाना बहुत लाभकारी है. अगर आपकी मांसपेशियां समय-समय पर अकड़ जाती हैं तो नियमित रूप से मखाना खाएं. इससे आपकी यह परेशानी दूर हो जाएगी.
गुड़ में कैल्शियम के साथ फॉस्फोरस भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. रोजाना गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है. साथ ही इससे खांसी-जुकाम जैसी परेशानी भी दूर होती है.
गुड़ खाने से त्वचा की बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है. साथ ही यह मुंहासों को दूर करके त्वचा को निखारता भी है. गुड़ प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत बनाता है.
गुड़ में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण एनिमिया यानी कि खून की कमी से ग्रस्त लोगों के लिए ये बहुत फायदेमंद होता है.