Snake vs Earthworm: सांप का बच्चा है या केंचुआ? 4 तरीकों से समझें अंतर, रेंगने का तरीका भी अहम

गर्मी के दिनों में अक्सर मिट्टी से रेंगने वाले जीव बाहर आ जाते हैं. कई बार लोग केंचुए (Earthworm) और सांप के बच्चे में फर्क नहीं कर पाते और डर के मारे उसे मार देते हैं या खुद खतरे में पड़ जाते हैं.

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सांप का बच्चा और केंचुआ देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं. (Photo: ITG) सांप का बच्चा और केंचुआ देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST

Earthworm and baby snake: गर्मी के दौरान बगीचों, गमलों और घर के कोनों में रेंगते हुए जीव दिखना आम बात है क्योंकि ये जीव ठंडाहक के लिए ऐसी जगहों को अपना बसेरा बना लेते हैं. गार्डन या फिर गमलों में कई बार केंचुआ अपना घर बना लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं केंचुआ और सांप का बच्चा पहली नजर में एक जैसे लग सकते हैं क्योंकि दोनों की बनावट लंबी और पतली होती है. केंचुआ मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाता है और पूरी तरह सुरक्षित होता है जबकि सांप का एक छोटा सा बच्चा भी अपने बचाव में काट सकता है. इनकी बनावट, त्वचा और चलने के तरीके पर गौर करके कैसे आप आसानी से इनके बीच का फर्क समझ सकते हैं, इस बारे में जानना जरूरी है.

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त्वचा और शरीर की बनावट

National Geographic का कहना है, सांप और केंचुए को पहचानने का सबसे आसान तरीका उनकी स्किन है. केंचुए का शरीर छल्लेदार (Segmented) होता है और उसकी त्वचा हमेशा नम और चिपचिपी रहती है क्योंकि वे अपनी स्किन से सांस लेते हैं.

वहीं सांप की त्वचा ड्राई होती है और उस पर छोटे-छोटे स्केल यानी शल्क बने होते हैं. सांप के शरीर पर केंचुए की तरह छल्ले नहीं होते बल्कि एक चिकनी कोटिंग जैसी दिखती है.

रेंगने और चलने का तरीका

साइंस लर्निंग हब के अनुसार, सांप और केंचुआ के चलने का तरीका भी एकदम अलग है. केंचुआ अपने शरीर को सिकोड़कर और फिर फैलाकर आगे बढ़ता है. वह एक सीधी लाइन में धीरे-धीरे चलता है. वहीं सांप कभी भी सीधा नहीं चलता. वह अपने शरीर को 'S' शेप में लहरदार तरीके से मोड़ते हुए काफी तेजी से रेंगता है. अगर कोई जीव तेजी से लहराते हुए भाग रहा है तो समझ जाइए कि वह केंचुआ नहीं है.

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मुंह और आंखों की मौजूदगी

Britannica के मुताबिक, यदि आप थोड़ा करीब से देख सकें (सुरक्षित दूरी से), तो चेहरा काफी कुछ साफ कर देता है. केंचुए के चेहरे पर आंखें या कान नहीं होते. उनका पूरा शरीर ही रोशनी के प्रति संवेदनशील होता है. जबकि सांप की आंखें होती हैं जो कभी बंद नहीं होतीं और वे बार-बार अपनी जीभ बाहर निकालते हैं. केंचुए की जीभ नहीं होती और न ही वे सांप की तरह फुफकार मार सकते हैं.

मिट्टी में रहने की आदत

केंचुआ हमेशा गीली मिट्टी के अंदर या उसके ठीक ऊपर रहना पसंद करता है और रोशनी से बचते हैं. जैसे ही आप उसे छुएंगे वह वापस मिट्टी में धंसने की कोशिश करेंगे. सांप मिट्टी के अंदर छेद में तो रह सकता है, लेकिन वह केंचुए की तरह मिट्टी खोदकर उसके अंदर नहीं जाते. सांप अक्सर सूखी जगहों, झाड़ियों या पत्थरों के नीचे छिपना पसंद करते हैं.

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