गर्मियों में घर-घर में मिट्टी के घड़े यानी मटके का इस्तेमाल आम है. कई लोग जो फ्रिज का पानी नहीं पीना चाहते वे लोग अक्सर मटके का पानी पीना पसंद करते हैं क्योंकि उनमें प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा करने के गुण होते हैं. मार्केट में सड़क किनारे मटके की दुकानें लग गई हैं और कई लोग मटके खरीद लाए हैं तो कई लोग लाने वाले होंगे. नए मटके या मटकी को साफ करने का तरीका यदि गलत तो उसका पानी ठंडा नहीं होता और यहां तक की उसमें छोटी-छोटी दरारें भी पड़ सकती हैं जो पानी की क्वालिटी पर भी असर डाल सकती हैं. नए मटके या मटकी को साफ करने का सही तरीका क्या है, ये भी जान लीजिए.
नई मिट्टी से बने मटके की अंदरूनी परत पर छोटे-छोटे छेद होते हैं जो पानी को ठंडा रखने में मदद करते हैं. लेकिन ये छेद इतने संवेदनशील होते हैं कि अगर अंदर हाथ डालकर मटके को जोर से साफ किया जाए तो वो छेद दरार में बदल जाती हैं. ये दरारें नजर तो नहीं आतीं लेकिन मटके को कमजोर कर देती हैं.
अक्सर आपके हाथों पर तेल, मैल के अवशेष हो सकते हैं और जब आप मटके के अंदर हाथ डालकर मटके को साफ करते हैं तो उसमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्र उन्हें सोख लेते हैं जो बाद में पानी में मिलकर स्वाद बिगाड़ देते हैं. इसके अलावा हाथों से मटका रगड़ने पर दबाव पड़ता है जिससे मटकी फटने का खतरा बढ़ जाता है. कई लोग यह गलती अनजाने में करते हैं लेकिन इससे पानी की स्वच्छता भी प्रभावित होती है.
नया मटका लाकर सबसे पहले साफ पानी से अंदर-बाहर अच्छी तरह धो लें. फिर मटके को पानी से भरकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें. इससे अंदर की ढीली मिट्टी के कण निकल जाते हैं. पानी को घुमाकर निकाल दें लेकिन रगड़ें नहीं. दोबारा साफ पानी से धोएं और पूरी तरह सूखने दें. उसके बाद ही पीने का पानी भरें.
हमेशा साफ गिलास या लोटे से पानी डालें, हाथ कभी अंदर न डालें. मटके को ढक्कन से ढककर रखें ताकि धूल न पड़े. बाहर की सतह को नियमित साफ करें, अंदर सिर्फ सादा पानी से धोएं. साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें क्योंकि मिट्टी इसे सोख लेती है.
अधिकतर लोग नए मटके को साबुन से धोते हैं या अंदर ब्रश से रगड़ते हैं. ये दोनों गलतियां पानी का स्वाद खराब कर सकती हैं और मटकी की उम्र घटा सकती हैं. सही तरीके से साफ करने पर मटकी सालों तक चलती है और पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा व स्वादिष्ट रहता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क