राजमा-चावल, काफी लोगों की पसंदीदा डिश है जो सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पोषण का भी खजाना है. राजमा की एक छोटी सर्विंग भी आपको प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का शानदार कॉम्बिनेशन देती है जो इसे शाकाहारियों के लिए बेहतरीन ऑपशंस बनाती है. राजमा में पाए जाने वाले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स पाचन को धीमा करते हैं जिससे एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है. लेकिन आपने देखा होगा कई लोग खाने के बाद पेट फूलने, गैस या भारीपन की शिकायत करते हैं और फिर दोष राजमा को देते हैं. दरअसल, राजमा को पकाने का एक सही तरीका होता है यदि आप उस तरह से उसे पकाएंगे तो आपको गैस नहीं होगी.
राजमा में ओलिगोसेकेराइड्स नाम का कार्बोहाइड्रेट होता है जिसे आंत मुश्किल से पचाती हैं. फिर जब राजमा को सही तरह से भिगोया या उबाला नहीं जाता तो ये गैस और ब्लोटिंग का कारण बनते हैं.
यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, इन ओलिगोसेकेराइड्स कार्ब्स को कम करने का सबसे असरदार तरीका है कि राजमा को देर तक पानी में भिगोना और उसके बाद उबाल लेना.
राजमा को कम से कम 8–12 घंटे (या रातभर) पानी में जरूर भिगोएं. भीगे हुए राजमा को उबालने के बाद पहला पानी निकालकर दोबारा साफ पानी में पकाएं. इससे गैस वाले एंजाइम निकल जाते हैं.
प्रेशर कुकर में 15–20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि राजमा पूरी तरह नर्म हो जाएं. इसके बाद राजमा में हींग और अदरक-लहसुन का तड़का लगाएं जो कि टेस्ट के साथ डाइजेशन भी बढ़ाते हैं.
तो अगली बार जब कोई कहे कि राजमा गैस बनाता है तो उसे बताइए कि इसमें राजमा का दोष नहीं, बल्कि पकाने की जल्दबाजी का है. बस राजमा को अपना 12 घंटे का टाइम दीजिए और फिर उबालकर पकाइए. आपको गैस नहीं बनेगी.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क