राजमा खाकर पेट में बनने लगती है गैस? पकाने से पहले अपनाएं ये ट्रिक

राजमा खाने के बाद पेट में गैस, फूलना और भारीपन की समस्या आम है, जिसका कारण राजमा का गलत तरीके से पकना होता है. इसे पकाने का सही तरीका क्या है, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

Advertisement
राजमा प्रोटीन से भरपूर होता है. (Photo: ITG) राजमा प्रोटीन से भरपूर होता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

राजमा-चावल, काफी लोगों की पसंदीदा डिश है जो सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पोषण का भी खजाना है. राजमा की एक छोटी सर्विंग भी आपको प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का शानदार कॉम्बिनेशन देती है जो इसे शाकाहारियों के लिए बेहतरीन ऑपशंस बनाती है. राजमा में पाए जाने वाले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स पाचन को धीमा करते हैं जिससे एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है. लेकिन आपने देखा होगा कई लोग खाने के बाद पेट फूलने, गैस या भारीपन की शिकायत करते हैं और फिर दोष राजमा को देते हैं. दरअसल, राजमा को पकाने का एक सही तरीका होता है यदि आप उस तरह से उसे पकाएंगे तो आपको गैस नहीं होगी.

Advertisement

आखिर पेट में गैस क्यों बनती है?

राजमा में ओलिगोसेकेराइड्स नाम का कार्बोहाइड्रेट होता है जिसे आंत मुश्किल से पचाती हैं. फिर जब राजमा को सही तरह से भिगोया या उबाला नहीं जाता तो ये गैस और ब्लोटिंग का कारण बनते हैं.

यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, इन ओलिगोसेकेराइड्स कार्ब्स को कम करने का सबसे असरदार तरीका है कि राजमा को देर तक पानी में भिगोना और उसके बाद उबाल लेना.

राजमा पकाने का सही तरीका क्या है?

राजमा को कम से कम 8–12 घंटे (या रातभर) पानी में जरूर भिगोएं. भीगे हुए राजमा को उबालने के बाद पहला पानी निकालकर दोबारा साफ पानी में पकाएं. इससे गैस वाले एंजाइम निकल जाते हैं.

प्रेशर कुकर में 15–20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि राजमा पूरी तरह नर्म हो जाएं. इसके बाद राजमा में हींग और अदरक-लहसुन का तड़का लगाएं जो कि टेस्ट के साथ डाइजेशन भी बढ़ाते हैं.

Advertisement

राजमा के हेल्थ बेनिफिट्स

  • राजमा की शेप किडनी जैसा होता है और ये किडनी हेल्थ में भी काफी फायदेमंद है क्योंकि ये किडनी को डिटॉक्स करता है और पोटैशियम की अच्छी मात्रा शरीर को देता है.
  • राजमा में घुलनशील फाइबर होते हैं जो शरीर से बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) बाहर निकालता हैं जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है.
  • राजमा का लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर को स्थिर रखता है. इसमें मौजूद विटामिन B9 (फोलेट) ब्रेन में “हैपी हार्मोन्स” बढ़ाता है और स्ट्रेस कम करता है.

तो अगली बार जब कोई कहे कि राजमा गैस बनाता है तो उसे बताइए कि इसमें  राजमा का दोष नहीं, बल्कि पकाने की जल्दबाजी का है. बस राजमा को अपना 12 घंटे का टाइम दीजिए और फिर उबालकर पकाइए. आपको गैस नहीं बनेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement