Pyaz Kachori of Jodhpur: राजस्थान अपनी संस्कृति के साथ अलग:अलग खाने की चीजों के लिए भी काफी फेमस हैं. जैसे जयपुर का घेवर और मावा मिश्री. बीकानेर की भुजिया, रसगुल्ले और पापड़. अलवर का कलाकंद. उसी तरह जोधपुर में मिर्ची वड़ा के साथ:साथ सबसे फेमस के प्याज कचौड़ी. बाहर से खस्ता, अंदर से मसालेदार प्याज की फिलिंग वाली ये कचौड़ी इतनी स्वादिष्ट होती है कि ये राजस्थान के साथ:साथ पूरे देश में फेमस है. वहां के लोग प्याज कचौड़ी को सुबह के नाश्ता या शाम के स्नैक्स में चाय के साथ खाना पसंद करते हैं.
जो लोग जोधपुर नहीं जा पा रहे हैं वे लोग घर पर ही प्याज कचौड़ी बना सकते हैं. ‘पापा मम्मी किचन’ वाली मारवाड़ी आंटी ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया है कि कैसे मसालों के सही कॉम्बिनेशन और टिप्स से घर पर ही प्याज कचौड़ी बना सकते हैं.
‘पापा मम्मी किचन’ वाली राजस्थानी आंटी ने वीडियो में बताया सबसे पहले एक बाउल में मैदा, अजवाइन, नमक और तेल डालकर अच्छे से मिला लें और फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नर्म आटा गूंथ लें. इसके बाद उसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें.
फिलिंग बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाही या पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और फिर उसमें जीरा, सौंफ और धनिया के दाने डालकर हल्का सा भून लें. फिर इसके बाद हींग, हरी मिर्च और अदरक डालें और प्याज डालने के बाद हल्का सुनहरा होने तक पकाएं.
जब प्याज गोल्डन हो जाए तो उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, बेसन और मैश किए हुए आलू डालें और अच्छी तरह से मिक्स करें. 2–3 मिनट भूनने के बाद गैस बंद कर दें और उसे ठंडा होने दें. आपकी फिलिंग तैयार है.
अब आटे की छोटी-छोटी लोई बनाएं और उन्हें हल्का सा बेलने के बाद उसके बीच में प्याज की स्टफिंग रखें और उसे बंद कर दें. अब हल्का सा दबाते हुए एक तरफ से हल्की गहरी प्लेट की तरह कचौड़ी का आकार दें. अब कढ़ाही में तेल को मीडियम फ्लैम पुर गर्म करें और धीरे-धीरे कचौड़ी को तेल में डालें. अब उन्हें गोल्डन ब्राउन होने तक दोनों ओर से तल लें.
आपकी गर्मा-गर्म प्याज कचौड़ी तैयार हैं. उन्हें आप इमली की मीठी चटनी, हरी चटनी या दही के साथ खाएं. राजस्थान में कई जगह इसे कढ़ी के साथ भी खाया जाता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क