How to Measure Your Bra Size: महिलाओं के लिए ब्रा जरूरी अंडरगार्मेंट है जो ब्रेस्ट (स्तन) को सही सपोर्ट देता है, उनकी शेप बनाए रखता है और रोजमर्रा के कामों में कंफर्ट देता है. यह न सिर्फ कपड़ों के नीचे स्मूद लुक देती है, बल्कि एक्सरसाइज, रनिंग या लंबे समय तक खड़े रहने पर पीठ-कंधे के दर्द से भी बचाती है. अक्सर कई महिलाओं को शाम होते-होते कंधे और पीठ में तेज दर्द होने लगता है. ऐसे में दोष उनकी थकान का नहीं बल्कि गलत फिटिंग वाली ब्रा का भी हो सकता है. सही ब्रा पहनने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, पोस्चर सुधरता है और सपोर्ट मिलता है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं अपनी बॉडी टाइप के हिसाब से गलत साइज की ब्रा पहन रही हैं. यह सिर्फ फैशन की चूक नहीं है, बल्कि उनकी सेहत से जुड़ा गंभीर मसला है. तो आइए आज हम आपको इस आर्टिकल में गलत ब्रा पहनने के नुकसान और सही साइज पता करने के तरीके बताते हैं.
ब्रेस्ट साइज, ब्रा फिट और थोरैसिक पेन पर यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ (UK) की स्टडी में यह सामने आया था कि 10 में से 7 महिलाएं ऐसी हैं, जो अपनी सही नाप से अनजान हैं. इस गलत साइज के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन के दर्द की एक बड़ी वजह बन सकती है.
स्टडी ब्रेस्ट बायोमैकेनिक्स पर आधारित थी जिसमें पाया गया था कि गलत ब्रा से थोरैसिक पेन (पीठ का ऊपरी हिस्सा दर्द) बढ़ता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पारंपरिक टेप मेजर वाली फिटिंग भी हमेशा सही नहीं होती.
पोर्ट्समाउथ की ही एक रिसर्च में बताया गया कि 76 प्रतिशत महिलाओं का बैंड साइज अधिक हो जाता है जबकि कप साइज कम आंका जाता है जिससे ब्रा सही सपोर्ट नहीं दे पाती और रोजमर्रा के कामों में दिक्कत होने लगती है.
स्टडी के मुताबिक, गलत साइज की ब्रा न सिर्फ सेहत बिगाड़ती है बल्कि कॉन्फिडेंस भी कम कर सकती है. जानकारी के मुताबिक, सही साइज से छोटी ब्रा पहनने से रैशेज, ब्लड सर्कुलेशन की दिक्कत और सांस फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं ढीली ब्रा से ब्रेस्ट सैगिंग तेज हो जाती है जिससे स्तन में दर्द भी होने लगता है.
डॉक्टर्स का कहना है कि सही फिट वाली ब्रा पहनने से मसल स्ट्रेन 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है, खासकर कामकाजी महिलाओं और एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं के लिए यह काफी जरूरी है.
स्टडी में बताया गया है कि ब्रा का सही साइज मापना काफी आसान है. सबसे पहले ब्रेस्ट के नीचे रिब केज (Rib cage) पर मीटर टेप लगाएं जो नंबर आए, वही बैंड साइज (जैसे 32, 34) होगा.
इसके बाद फिर ब्रेस्ट के सबसे उभरे हिस्से का माप लें और दोनों में अंतर निकालें. जैसे 1 इंच का गैप=A कप, 2 इंच=B कप, 3 इंच=C कप.
उदाहरण के लिए यदि बैंड साइज 34 और बस्ट साइज 37 है तो आपका साइज 34C होगा. लेकिन नंबर के साथ ध्यान रखें कि स्ट्रैप कंधों और पीठ पर टाइट रहे और कप्स में कोई गैप न हो.
इसके अलावा प्रोफेशनल फिटर्स की सलाह लें और हर 6 महीने में चेक करवाएं क्योंकि वजन, उम्र या मेनोपॉज से साइज बदल जाता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क