चेहरे से 6 गुना तेजी से बूढ़ी होती है आपकी खोपड़ी की स्किन! जानें बालों के झड़ने का असली सच

खोपड़ी की त्वचा चेहरे की तुलना में 6 गुना तेजी से बूढ़ी होती है, जिससे बालों का झड़ना, पतलापन और रूखापन बढ़ता है. इसके अलावा और कौन-कौन से कारण खोपड़ी की स्किन को जल्दी बूढ़ा करते हैं, इसके बारे में बताएंगे.

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खोपड़ी की स्किन भी तेजी से बूढ़ी होती है. (Photo: ITG) खोपड़ी की स्किन भी तेजी से बूढ़ी होती है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:26 PM IST

Hair fall reason: अधिकतर लोग अपनी स्किन को लेकर काफी अवेयर रहते हैं. वे स्किन को ग्लोइंग और फ्रेश रखने के लिए कई तरह की चीजें लगाते हैं जिसमें कई तरह के सीरम और मॉइस्चराइजर भी शामिल होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं जिस तरह से उम्र का असर आपकी स्किन पर पड़ता है, उसी तरह आपकी खोपड़ी हमारे चेहरे की तुलना में 6 गुना तेजी से बूढ़ी होती है. इसलिए यदि आप बालों का वॉल्यूम कम होना, बालों का पतला होना, रूखापन, बालों का अधिक झड़ना और अन्य समस्याएं देखते हैं तो समस्या बालों की बजाय खोपड़ी की सेहत कमजोर होने की अधिक संभावना है. 

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दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ-साथ खोपड़ी की त्वचा भी बूढ़ी होती जाती है जिससे उसका लचीलापन भी काफी हद तक कम हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर की अन्य त्वचा की तुलना में खोपड़ी की त्वचा सबसे तेजी से बूढ़ी होती है. खोपड़ी की त्वचा शरीर की त्वचा की तुलना में 12 गुना और चेहरे की त्वचा की तुलना में 6 गुना तेजी से बूढ़ी होती है.

बालों का पतला होना और गंजा होना, भूरे बाल होना, खोपड़ी की लोच की कमी और सिर की त्वचा का सूखापन और बालों का बेजान होना खोपड़ी की उम्र बढ़ने के संकेत हैं. हालांकि इन संकेतों को नीचे बताए हुए तरीकों से कम भी किया जा सकता है.


यूवी एक्सपोजर (UV Exposure)

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूवी किरणों के सीधे संपर्क में आने से आपकी खोपड़ी पर उम्र का असर दिखने लगता है. दरअसल, आपकी खोपड़ी में मौजूद बालों के रोम छिद्र सूरज के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं. लंबे समय तक धूप में रहने से आपके बाल कमजोर और टूटने की संभावना बढ़ जाती है, जिसका मतलब है कि उनकी मात्रा कम हो जाती है.

यूवी किरणें आपकी खोपड़ी को और भी संवेदनशील और शुष्क बना देती हैं. इससे बचने के लिए जब भी आप बाहर निकलें तो टोपी पहनें. धूप में अधिक समय बिताने से बचें, भले ही आसमान में बादल हों. अगर आपको धूप में निकलना पड़े तो शाम को घर आकर स्कैल्प मास्क लगाएं ताकि त्वचा में नमी बनी रहे.

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कोलेजन की कमी (Loss of Collagen)

कोलेजन एक प्रोटीन है जो हमारी स्किन को लोच और मजबूती प्रदान करता है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में इसका प्रोडक्शन कम होने लगता है, जिससे त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियां आ जाती हैं. यही प्रोसेस समय के साथ सिर की त्वचा पर भी होती है.

शरीर का बूढ़ा होना सिर की त्वचा के बूढ़ा होने के लिए भी जिम्मेदार है और 12 गुना तेजी से उसकी उम्र बढ़ाता है. इससे बचने के लिए आप ऐसे प्रोडक्ट्स का उपयोग करें जो नेचुरल रूप से बने हों और बालों को कोलेजन दें. प्रोबायोटिक्स जैसे तत्व आपके स्कैल्प के माइक्रोबायोम को बैलेंस और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

कैमिकल ट्रीटमेंट (ChemicalTreatment)

कैमिकल ट्रीटमेंट से त्वचा के नेचुरल ऑयल निकल जाते हैं जिससे सूखापन और जलन हो सकती है. इससे खोपड़ी समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है, यानी आपको समय से पहले ही महीन रेखाएं, झुर्रियां और उम्र बढ़ने के अन्य लक्षण दिखने लगेंगे. इससे बचने के लिए साल में 1 बार ही अपने बालों को कलर या पर्म कराएं. मॉइस्चराइजिंग शैम्पू का इस्तेमाल करें. लेकिन ध्यान रखें आपके हेयर कलर में कैमिकल ना हों.

हाई पीएच शैम्पू का प्रयोग (High pH Shampoo)

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हाई pH स्तर वाले शैंपू आपके बालों को रूखा और कमजोर बना देते हैं जिससे दोमुंहे बाल होने लगते हैं. साथ ही ये शैंपू स्कैल्प में मौजूद नेचुरल ऑयल को बालों को स्वस्थ रखने से रोकते हैं. इसके अलावा हाई pH वाले शैंपू ताकतवर क्लीनिंग एजेंट होते हैं जो कैमिकल से होने वाली जलन पैदा कर सकते हैं. 

गहराई से सफाई करने के कारण हेल्दी सेल्स नष्ट हो सकते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देती है. इसलिए ऐसे शैंपू का इस्तेमाल करने से बचें.

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