हड्डियों का नया डॉक्टर है आपका पेट! ये चीजें खाएंगे तो फौलादी बनेंगी हड्डियां

क्या आप जानते हैं कि हड्डियों की मजबूती का सीधा संबंध आपके पेट से है? दिल्ली एम्स के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है, जिसमें सामने आया है कि पेट के अच्छे बैक्टीरिया न केवल पाचन सुधारते हैं, बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की गंभीर बीमारियों से भी बचा सकते हैं.

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पेट की हेल्थ आपकी बोन हेल्थ से जुड़ी हुई है. (Photo: AI Generated) पेट की हेल्थ आपकी बोन हेल्थ से जुड़ी हुई है. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

अब तक माना जाता था कि हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम और विटामिन-डी ही काफी हैं लेकिन हाल ही में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के रिसर्चर्स ने एक स्टडी में दावा किया है कि हमारे पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया हड्डियों को टूटने और कमजोर होने से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. यह रिसर्च खास तौर पर उन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण है जो बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार हो जाते हैं. वैज्ञानिकों ने पाया है कि पेट का स्वास्थ्य सीधे तौर पर हमारी बोन डेंसिटी को प्रभावित करता है. तो आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं

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पेट और हड्डियों का क्या है कनेक्शन?

एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के डॉक्टर रुपेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने रिसर्च में 'गट-बोन एक्सिस' (Gut-Bone Axis) की पहचान की है. स्टडी के मुताबिक, पेट के बैक्टीरिया एक खास तरह का डीऑक्सीकोलिक एसिड (Deoxycholic Acid) पैदा करते हैं. जब शरीर में इन अच्छे बैक्टीरिया की कमी होती है तो हड्डियों को बनाने वाली कोशिकाएं सुस्त पड़ जाती हैं और हड्डियों को गलाने वाली कोशिकाएं एक्टिव हो जाती हैं.

रिसर्च में देखा गया कि ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों में इस बैक्टीरिया और उनके द्वारा बनाए जाने वाले एसिड की भारी कमी थी इसलिए ये रिसर्च काफी फायदेमंद है.

प्रोबायोटिक्स बन सकते हैं ढाल

इंटरनेशनल मेडिकल मैग्जीन और हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि प्रोबायोटिक्स के जरिए हड्डियों के नुकसान को रोका जा सकता है. एम्स के वैज्ञानिकों ने चूहों पर की गई टेस्टिंग में पाया कि जब उन्हें लैक्टोबैसिलस एसिडोफिलस जैसे अच्छे बैक्टीरिया दिए गए तो उनकी हड्डियों की डेंसिटी  में सुधार हुआ था.

यह रिसर्च बताती है कि भविष्य में हड्डियों के इलाज के लिए केवल भारी दवाएं ही नहीं बल्कि खान-पान में बदलाव और प्रोबायोटिक्स का इस्तेमाल एक सुरक्षित ऑपशंस साबित हो सकता है.

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मेनोपॉज के बाद महिलाओं को राहत

यह रिसर्च महिलाओं के लिए बेहद खास है. मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं की हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं. एम्स की स्टडी कहती है कि पेट के बैक्टीरिया शरीर में सूजन को कम करते हैं जो हड्डियों की डेंसिटी कम करते हैं. 

एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अपनी डाइट में दही, छाछ और फाइबर वाली चीजों को शामिल करना चाहिए जिससे हड्डियों को ठोस बनाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी होगी.

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