कितनी जल्दी होगा सर्दी-जुकाम, यह आपका वजन तय करेगा

सर्दियों में अगर आपको भी जल्दी जुकाम-खांसी हो जाती है, तो दवा लेने से पहले अपना वजन चेक करें. जानें क्या कनेक्शन है दोनों चीजों के बीच...

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मेधा चावला

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

दूसरे मौसम के मुकाबले सर्दियों में खांसी-जुकाम जल्दी होती है. इसलिए सर्दियों को फ्लू सीजन भी कहते हैं. इस मौसम में बीमारियों को दूर रखने के लिए मजबूत प्रतिरोधक क्षमता का होना सबसे ज्यादा जरूरी है.

इस मौसम में आप यदि जल्दी बीमार हो जाते हैं या आपको खांसी-जुकाम जल्दी हो जाती है, तो ये समझ लें कि आपकी प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर है. ऐसे में सैफी हॉस्प‍िटल, मुम्बई की डिपार्टमेंट ऑफ बैरिएट्रिक सर्जरी की सेक्शन चीफ डॉ. अपर्णा गोविल ने इंडिया टुडे विमेन मैगजीन को एक साक्षात्कार में बताया कि हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर किन बातों का प्रभाव पड़ता है और किस तरह अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाया जा सकता है...

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क्या उम्र के साथ प्रभावित होती है प्रतिरोधक क्षमता?
बढ़ती उम्र के साथ शरीर का हर सिस्टम प्रभावित होता है. प्रतिरोधक क्षमता में भी गिरावट आती है.


प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए क्या करें महिलाएं?
महिलाओं के लिए पोषक तत्वों से भरपूर बैलेंस्ड खाना बहुत जरूरी है. खासतौर से कामकाजी महिलाओं के लिए तो यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए महिलाओं को रोजाना व्यायाम करना चाहिए. रात में अच्छी नींद लें और शराब व स्मोकिंग से दूर रहें. समय-समय पर फ्लू और निमोनिया की वैक्सीनेशन लेती रहें. इससे वो संक्रमण से दूर रहेंगी. रोजमर्रा के तनाव से कुछ 'मी' टाइम निकालें. हेल्दी रहने में ये आपकी मदद करेगा.


किन बातों से महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता होती है प्रभावित ?
देखा जाए तो महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता पुरुषों के मुकाबले मजबूत होनी चाहिए. महिलाओं में एस्ट्रोजेन प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देते हैं. जबकि मेल हार्मोन एड्रोजेन पुरुषों की इम्यूनिटी को दबाते हैं. पर मेनोपॉज के बाद उनकी प्रतिरोधक क्षमता में फर्क आता है.

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कैसे बचें सर्दी से?
बदलते मौसम के चलते सालभर में तीन से चार बार सर्दी-खांसी होती है. बार-बार हाथ धोकर आप बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं से दूर रह सकते हैं. इस मौसम में ऐसे लोगों से भी दूर रहना चाहिए, जिन्हें संक्रामक बीमारी है. पर्याप्त पानी पीयें और रात अच्छी नींद लें. रोजाना कम से कम 15 मिनट व्यायाम करें. अगर आपको सर्दी-जुकाम हो जाती है तो दवाएं लेने से बेहतर होगा कि आप घरेलू नुस्खे मसलन, अदरक, भाप, हल्दी दूध आदि का सहारा लें.


प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या खाएं?
खानपान के जरिये प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है. पोषक तत्वों की कमी, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की मूल वजह है और ऐसे में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.
- खाने में विटामिन ए, सी और ई जैसे पोषक तत्वों का होना जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर में ऐसी कोशिकाओं को बढ़ावा मिलता है, जो बीमारी फैलाने वाले कारकों का खात्मा करती हैं. इसके लिए आप हरी सब्ज‍ियां, फल, बीन्स, पालक, ब्रोकली, कद्दू और पीनट बटर आदि खा सकती हैं. जिंक की कमी की वजह से भी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. अनाज, अंडा, दही और दूध आदि के जरिये जिंक की कमी को पूरा किया जा सकता है.
खाने पीने की जिन चीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है, मसलन, सालमन, मछली आदि भी प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाते हैं.

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क्या मोटापा प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है?
उच्च वसायुक्त खाद्य वस्तुएं हमारी प्रतिरोधक प्रक्रिया को धीमी कर सकती है. इसलिए मोटे या वजनी लोगों में संक्रामक बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा होता है. ऐसे लोगों पर वैक्सीनेशन और एंटीबायोटिक दवाएं भी काम नहीं करतीं. इसलिए उन्हें हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की जरूरत है.

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