सेहत

कितनी कारगर होती है मच्छर भगाने वाली मशीन, कैसे करती है काम? जानिए इसके बारे में सबकुछ

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घर में मच्छर हों तो किसी को भी नींद नहीं आती है. कुछ मच्छर आम होते हैं तो कुछ मच्छर ऐसे होते हैं जिनसे डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां हो जाती हैं. ये मच्छर हर जगह पाए जाते हैं. कई लोगों को लगता है कि डेंगू के मच्छर साफ जगहों पर नहीं आते हैं, जोकि गलत है. डेंगू के मच्छर किसी भी जगह पैदा हो सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि आप अपने आसपास मच्छरों को ना पनपने दें.

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मच्छरों को मारने वाली मशीन लगभग हर घर में पाई जाती है. कुछ लोग लिक्विड की जगह मैट मशीन का इस्तेमाल करते हैं. मच्छर भगाने वाली मशीन में लिक्विड रिपेलेंट लगाने की जरूरत होती है. मॉस्किटो रिपेलेंट वेपोराइजर और मैट्स दोनों रूप में आते हैं. इन रिपेलेंट में ऐसे केमिकल्स पाए जाते हैं जो सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते हैं और जिनसे सांस संबंधी समस्या हो सकती है.

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गुड नाइट मैट जैसे कुछ प्रोडक्ट मच्छरों पर तुरंत काम करते हैं. यह 10 रात तक अपना असर दिखाते हैं. वहीं लिक्विड मॉस्किटो रिपेलेंट में एक ग्रेफाइट रॉड होती है जिसके अंदर एक पतली तार होती है.  

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मशीन की प्लग सीट के दो तारों में से चार तार निकाले जाते हैं. इन चार में से दो तार LED से जोड़े जाते हैं जबकि दो का इस्तेमाल मशीन को गर्म करने में किया जाता है. गर्म होने पर मशीन रिफिल में से लिक्वविड को पूरे कमरे में फैलाने का काम करती है.  

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बोतल में एलेथ्रिन और एयरोसोल का मिश्रण भरा होता है जिसके अंदर एक मजबूत इलेक्ट्रोड रॉड होता है. जब मशीन गर्म होती है तो ये लिक्विड को वेपोराइज करने का काम करती है.  

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मैट को पैकेट में से निकालकर मच्छर भगाने वाली मशीन में डालें. इसके बाद इस मशीन को प्लग में लगाएं. कुछ ही देर में मशीन में लगी लोहे की सिरेमिक चिप है जो गर्म होने लगेगी. गर्म होने के बाद मैट मच्छरों को मार देता है. ये इलेक्ट्रॉनिक रिपेलेंट कमरे से मच्छरों को जल्द भगाने का काम करते हैं.    

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