व्हे प्रोटीन या सोया प्रोटीन...वेट लॉस और लीन बॉडी के लिए क्या बेहतर? खरीदने से पहले जान लें

आज के फिटनेस फ्रीक लोगों के बीच व्हे प्रोटीन, सोया प्रोटीन को लेकर काफी कन्फ्यूजन है कि कौन सा प्रोटीन उनके लिए सही है. इस आर्टिकल में हम दोनों प्रोटीन के बारे में बता रहे हैं जिससे उन्हें अपने लिए बेस्ट सप्लीमेंट चुनने में मदद मिल सकती है.

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प्रोटीन सप्लीमेंट एक्सपर्ट की सलाह से ही लेना चाहिए. (Photo: ITG) प्रोटीन सप्लीमेंट एक्सपर्ट की सलाह से ही लेना चाहिए. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

आज के समय में फिटनेस और अपनी सेहत पर ध्यान देने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है. हर कोई हाई प्रोटीन दूध, हाई प्रोटीन मिल्क और हाई प्रोटीन वाली अन्य चीजों का सेवन कर रहा है. वहीं जब फिटनेस फ्रीक लोगों की बात आती है तो वे लोग प्रोटीन सप्लीमेंट लेना पसंद करते हैं. अब ऐसे में उनके सामने कई ऐसे ऑपशंस आ जाते हैं जिसको लेकर वो कन्फ्यूज रहते हैं कि कौन से प्रोटीन का सेवन करें. व्हे प्रोटीन (Whey) या सोया प्रोटीन (Soy).

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कौन सा प्रोटीन उनकी सेहत के लिए सही है जो उन्हें गोल अचीव करने में मदद करेगा. अगर आप भी इस कन्फ्यूजन में हैं तो आज हम आपको तीनों प्रोटीन के बारे में बताएंगे. ताकि आप अपने लिए बेस्ट प्रोटीन प्रोडक्ट चुन सकें.

व्हे प्रोटीन (Whey Protein)

गाय के दूध में 2 प्रकार के प्रोटीन होते हैं, व्हे और केसिन. जब गाय के दूध से पनीर बनाया जाता है तो केसिन अलग हो जाता है जिससे व्हे प्रोटीन अलग. व्हे प्रोटीन में अमीनो एसिड होते हैं जो मसल्स रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं. 

साथ ही ये फैट घटाने में भी मदद करते हैं. व्हे प्रोटीन का एक लाभ यह है कि यह तेजी से अब्जॉर्ब होता है. सेवन किए गए लगभग सभी व्हे प्रोटीन शरीर द्वारा जल्दी पचा लेते है. हालांकि व्हे प्रोटीन को सर्वश्रेष्ठ बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट माना जाता है लेकिन कुछ लोगों के लिए उनके लिए ये सप्लीमेंट सही नहीं होता क्योंकि ये मिल्क प्रोडक्ट है और जिन लोगों को लैक्टोज इनटोलरेंस की समस्या है, उन लोगों के लिए ये सही नहीं होता.

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सोया प्रोटीन (Soy Protein)

सोया प्रोटीन, व्हे प्रोटीन का एक बेहतरीन ऑपशंस हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो एनिमल बेस्ड प्रोटीन की बजाय सोया प्रोटीन लेना चाहते हैं. सोया प्रोटीन में सारे 9 अमीनो एसिड मौजूद होते हैं वहीं इसमें ग्लूटामिन और आर्जिनिन की मात्रा अधिक होती है.

90 प्रतिशत प्रोटीन वाले सोया प्रोटीन पाउडर में आमतौर पर शेष 10 प्रतिशत में आवश्यक फैटी एसिड, फाइबर और विटामिन होते हैं. सोया प्रोटीन आइसोलेट बनाने के लिए, सोयाबीन को पहले बारीक पीसा जाता है और फिर प्रोसेसिंग के दौरान कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और फैट को हटा दिया जाता है, जिससे 95-100 प्रतिशत प्रोटीन आइसोलेट प्राप्त होता है. 

सोया प्रोटीन पाउडर में अक्सर एक्स्ट्रा न्यूट्रीएंट मिलाए जाते हैं ताकि उनका न्यूट्रिशनल वैल्यू, बनावट और स्वाद बेहतर हो सके.

सोया प्रोटीन एकमात्र ऐसा प्लांट-बेस्ड प्रोटीन है जो व्हे प्रोटीन के समान लीन मसल्स टिश्यूज को बढ़ाता है. हालांकि सोया में कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा अधिक होती है लेकिन इनमें से अधिकांश कार्बोहाइड्रेट रेशेदार होते हैं जबकि सोया में मौजूद फैट अनसैटुरेटेड होता है और आवश्यक ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है.

व्हे प्रोटीन या सोया प्रोटीन, कौन सा लें?

मसल्स गेने के लिए दोनों ही काफी प्रभावी हैं लेकिन व्हे प्रोटीन और सोया प्रोटीन में कई अंतर हैं. प्लांट बेस्ड और एनिमल बेस्ड प्रोटीन के अलावा भी कई चीजें हैं जो दोनों को एक दूसरे से अलग करती हैं और जिनके आधार पर आप ये तय कर सकते हैं कि कौन सा प्रोटीन आपके लिए बेस्ट है.

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जैसे, जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूट्रिशन में पब्लिश रिसर्च के अनुसार, सोया प्रोटीन के सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है. हालांकि, कुछ अन्य रिसर्च इस बात का खंडन करते हैं. व्हे प्रोटीन को बेहतर विकल्प माना गया है क्योंकि यह न केवल टेस्टोस्टेरोन के स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करता.

विभिन्न प्रोटीनों की बायोलॉजिकल वैल्यू (BV) बताता है कि वे हमारे शरीर में कितनी अच्छी तरह अवशोषित और उपयोग होते हैं. व्हे प्रोटीन की बायोलॉजिकल वैल्यू 104-110 और सोया प्रोटीन की बायोलॉजिकल वैल्यू 70 के आसपास होती है.

इसके अलावा ग्लूटामाइन लेवल, स्वाद और बनावट, शेल्फ लाइफ, अमीनो एसिड के प्रकार, डाइट्री रिस्ट्रिक्शंस जैसे कई और पैरामीटर्स भी हैं जो दोनों को एक दूसरे से अलग करते हैं.

आप अपने सर्टिफाइड फिटनेस कोच या फिर न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर दोनों में से बेस्ट प्रोटीन पाउडर चुन सकते हैं.

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.

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