Difference Between Male and Female Belts: पुरुषों और महिलाओं के आउटफिट्स में काफी अंतर होता है लेकिन कई ऐसी छोटी-छोटी चीजें भी होती हैं जिन्हें इंसान देखता तो है लेकिन उसे समझ नहीं पाता. ऐसा ही एक अंतर होता है पुरुष और महिलाओं की बेल्ट में. दरअसल, पुरुष और महिला दोनों जींस, पैंट या ट्राउजर्स पर बेल्ट लगाते हैं. Rogerximenez की रिपोर्ट के मुताबिक, मनुष्य कांस्य युग से ही बेल्ट पहनते आ रहे हैं जो 3300 से 1200 ईसा पूर्व के बीच था. इतिहासकारों ने यूरोप और एशिया के कई हिस्सों सहित दुनिया भर की कई सभ्यताओं में बेल्ट के निशान पाए थे जो कि इस बात का सबूत थे.
बेल्ट अक्सर अलग-अलग मटेरियल और डिजाइन की बनाई जाती हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लड़कियों की बेल्ट पुरुषों की बेल्ट से इतनी पतली और नाजुक क्यों होती है?
दरअसल, यह सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि इतिहास और बॉडी साइंस का एक गहरा खेल है. तो आइए हम आपको बताते हैं कि महिलाओं की बेल्ट को पुरुषों की मोटी बेल्टों से अलग क्यों होती हैं.
कमर को पतला दिखाना
Surefitbelt के मुताबिक, महिलाओं की ड्रेस और स्कर्ट्स में कमर को पतला दिखाना सबसे बड़ा फैशन ट्रिक है. पतली बेल्ट (0.75 इंच से कम चौड़ाई वाली) कमर पर सही बैठती है और वो ड्रेस में अट्रैक्टिव सिल्हूट भी बनाती है जबकि मोटी बेल्ट कमर को ढक लेती है जो कि एक बड़ी फैशन मिस्टेक है.
आसान भाषा में समझें तो लड़कियों की पतली बेल्ट का असली जादू है 'Optical Illusion'. यह कमर के सबसे पतले हिस्से पर बांधी जाती है जिससे शरीर का Hourglass Shape निखर कर आता है. अगर बेल्ट चौड़ी होगी तो वह कमर को छोटा दिखाने के बजाय उसे ढंक देगी और कमर हैवी दिखेगी.
पुरुषों की कमर सीधी होती है इसलिए उनकी बेल्टें 1.25-1.5 इंच चौड़ी मजबूत बनाई जाती हैं. महिलाओं के लिए पतली बेल्ट फैशन का हिस्सा हैं जो 1920 के दशक से रेनेसांस काल की तरह कमर को हाइलाइट करती आ रही है.
कपड़ों का फेब्रिक
अक्सर आपने देखा होगा लड़कियों के कपड़े या जींस अक्सर स्ट्रेचेबल और पतले कपड़े के होते हैं. अब ऐसे में हैवी और चौड़ी बेल्ट उनके कपड़ों के नाजुक कपड़े को सिकोड़ सकती हैं इसलिए पतली बेल्ट ही कपड़ों की फिटिंग को परफेक्ट रखती है.
फैशन की हिस्ट्री
Startupfashion पर बेल्ट की हिस्ट्री बताई गई है जिसके मुताबिक, महिलाओं की बेल्ट कभी फंक्शनल नहीं रही यानी कि उन्हें हमेशा से एसेसरीज ही माना गया.
रेनेसांस (14वीं से 17वीं शताब्दी) में लंबी ओवरड्रेस (ट्यूनिक्स) को कमर पर कसकर बांधने से लेकर 1950 के क्रिश्चियन डियोर के न्यू लुक तक, पतली बेल्ट ही हमेशा ट्रेंड में रहीं.
वहीं पुरुषों की बेल्ट को हथियार लटकाने के लिए मोटी बनाया गया था इसलिए वो हमेशा से मोटी और चौड़ी ही रहीं. लेकिन महिलाओं के बेल्ट्स फैशन एसेसरीज का हिस्सा होने के कारण उन्हें अलग-अलग डिजाइन में बनाया गया और 1980 के बाद पतली और चमकदार बेल्टें महिलाओं के लिए स्टाइल स्टेटमेंट बन गईं.
कंफर्टेबल और वेस्ट सपोर्ट
पतली बेल्ट की मोटाई करीब 1-2 मिमी होती और उनकी चौड़ाई भी 1.25 इंच से डेढ़ इंच तक ही होती है. मोटी बेल्ट स्कर्ट या ड्रेस पर क्लंकी फील देती हैं और वहीं महिलाओं की वेस्टलाइन ऊपर होती इसलिए शॉर्टर, पतली बेल्ट ही हमेशा उनके फिगर के साथ सही फिट बैठती है.
वहीं पुरुषों में लोअर वेस्ट के लिए लंबी, मजबूत बेल्ट जरूरी है क्योंकि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों का वेली फैट अधिक होता है तो बेल्ट उन्हें लोअर वेस्ट पर भी सपोर्ट करती है और एडजस्ट करती है.
हाइट लंबी दिखाती हैं
Fountainearth के मुताबिक, पतली कद-काठी वाली लड़कियों के लिए मोटी बेल्ट हैवी लगती है जो बॉडी को इनबैलेंस दिखाती है. पतली बेल्ट पेटाइट फ्रेम पर नेचुरल लगती है और उन्हें लंबा दिखाती है जबकि कर्वी बॉडी पर भी यह माइनर वेस्ट डेफिनिशन देती है. वहीं पुरुषों की बेल्टें मजबूती के लिए चौड़ी होतीं क्योंकि वे पैंट, पॉकेट में रखी चीजों का वजन और उनकी तोंद का वजन भी झेलती हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क