ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में शुक्रवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. मामला मृतका की सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट के सामने कहा कि यह साफ तौर पर दहेज मृत्यु का मामला है और कानून में ऐसे मामलों में यह माना जाता है कि आरोपी की भूमिका रही है.
सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि कानून कहता है कि कोर्ट यह मानकर चलेगी कि संबंधित शख्स ने दहेज मृत्यु में भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में पति और सास दोनों की तरफ से दहेज की मांग के आरोप हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच अब बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है और ऐसे समय में आरोपी पक्ष का सहयोग जरूरी है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि गिरिबाला सिंह की तरफ से फिलहाल कोई मौजूद नहीं है, इसलिए मामले में औपचारिक नोटिस जारी किया जाए. कोर्ट ने कहा कि जवाब दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा.
सास की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट सख्त
इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि जांच के दौरान सास को बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुईं. उन्होंने कोर्ट से कहा कि मामले की सुनवाई सोमवार को रखी जाए क्योंकि जांच के साथ छेड़छाड़ की गंभीर आशंका है. SG ने कहा कि सबूत लगातार खत्म हो रहे हैं और ट्रायल कोर्ट इस बात को नजरअंदाज कर गया कि आरोपी की स्थिति ऐसी है जिससे वह सबूतों को प्रभावित कर सकती हैं.
सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि अगर नोटिस जारी कर समय दिया जा रहा है तो मामले को जल्द सुना जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह मीडिया में बयान दे रही हैं और इससे जांच प्रभावित हो सकती है. इसी दौरान वकील मृगेन्द्र सिंह ने कोर्ट में कहा कि वह गिरिबाला सिंह की तरफ से पेश नहीं हो रहे हैं, बल्कि सिर्फ समर्थ सिंह की तरफ से उपस्थित हैं.
हाईकोर्ट ने इसके बाद कहा कि प्रतिवादी को नोटिस जारी किया जाए और मामले में आगे सुनवाई की जाए. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 25 तारीख कुछ कम समय लग रही है. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अग्रिम जमानत एक ही दिन में दे दी गई और आदेश पारित करते समय जरूरी तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि जमानत आदेश कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर देगा. हाईकोर्ट ने भी इस दलील को रिकॉर्ड पर लिया कि जमानत जल्दबाजी में दी गई थी.
सोशल मीडिया ट्रायल का मुद्दा उठा
दूसरी तरफ समर्थ सिंह की तरफ से पेश वकीलों ने कहा कि मामले को सोशल मीडिया पर ड्रामा बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोग बाहर खड़े होकर हर चीज देख रहे हैं और माहौल बनाया जा रहा है. समर्थ सिंह के वकील ने मीडिया पर रोक लगाने यानी गाग ऑर्डर की मांग भी की. उनका कहना था कि लगातार मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया चर्चा से मामले पर असर पड़ रहा है.
अनीषा माथुर