आबकारी नीति मामले में ईडी (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट में मामले की सुनवाई सोमवार को पूरी हुई. ईडी ने शराब घोटाले के इस मामले में समीर महेंद्रु के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. वहीं, कोर्ट समीर महेंद्रु की जमानत पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा.
इसके साथ ही चार्जशीट पर ईडी की दलीलों को सुनने के लिए 20 दिसंबर की तारीख दी गई है. माना जा रहा है कि कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान लेने को लेकर अपना फैसला भी इसी दिन सुना सकता है. राउज एवेन्यू कोर्ट में ईडी के वकील ने कहा कि साउथ ग्रुप से समीर महेंद्रु ने पैसों का इंतजाम किया था.
ईडी ने कहा, ''सरकारी गवाह बनने से पहले भी दिनेश अरोड़ा ने अपने बयान में कहा है कि हैदराबाद के 8 जोन को लेकर बैठक हुई थी. उसमें विजय नायर और समीर महेंद्रु भी शामिल थे. विजय नायर के कहने पर ब्लैक लिस्टेड कंपनी इंडो स्प्रिट को आबकारी विभाग ने लाइसेंस जारी किया था.''
एक अरब रुपए एडवांस में दिए
साथ ही ईडी ने कहा कि साउथ ग्रुप ने 100 करोड़ यानी एक अरब रुपए एडवांस में विजय नायर को दिए थे. उसमें से 12% कमीशन मिला. इसका आधा-आधा बंटवारा हुआ. यानी 12% कमीशन में से 6% साउथ ग्रुप को मिला और 6% सरकारी अधिकारियों के पास गया. साउथ ग्रुप के पास रिटेल के 9 जोन के लाइसेंस थे.
इस मामले में ईडी ने आगे कहा कि इंडो ग्रुप पर सीधे तौर पर साउथ ग्रुप का कब्जा था. इसलिए वहां से पैसा हासिल करना आसान था. सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत में यह भी कहा कि शराब मैन्युफैक्चरर्स पर दबाव था कि वह चुने हुए रिटेलर को ही शराब बेचेंगे.
ईडी ने कहा कि साउथ ग्रुप का कंट्रोल रिटेलर और होल सेलर दोनों पर था. जांच के दौरान अब तक हमने 291 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगाया है.
कोई ने ईडी से पूछे ये दो सवाल
संजय शर्मा