'चुनाव प्रक्रिया में अदालती दखल नहीं', शिंदे सेना प्रत्याशी को HC नहीं मिली राहत, उम्मीदवारों को दी ये सलाह

मुंबई नगर निगम चुनाव से जुड़े नामांकन विवादों में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तात्कालिक हस्तक्षेप से इनकार कर दिया. शिंदे गुट की उम्मीदवार पूजा कांबले और AIMIM प्रत्याशी की याचिकाओं पर अदालत ने निचली अदालत या चुनाव याचिका का रास्ता अपनाने को कहा.

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी चुनाव प्रक्रिया में दखल से इनकार किया (Photo- ITG) बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी चुनाव प्रक्रिया में दखल से इनकार किया (Photo- ITG)

विद्या

  • मुंबई,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

मुंबई और अन्य नगर निगम चुनावों से जुड़े मामलों में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को तत्काल दखल देने से इनकार कर दिया. मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड की पीठ ने साफ कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान अदालत सीधे कोई आदेश पारित नहीं कर सकती और याचिकाकर्ताओं को पहले निचली अदालत या चुनाव याचिका का रास्ता अपनाना होगा.

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इन्हीं मामलों में से एक याचिका शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की उम्मीदवार पूजा कांबले की थी, जिन्होंने मुंबई के सायन-कोलीवाड़ा स्थित प्रतिक्षा नगर वार्ड से नामांकन दाखिल किया है. कांबले ने अदालत में आरोप लगाया कि उसी सीट से भाजपा उम्मीदवार शिल्पा केलुसकर ने फर्जी तरीके से “डुप्लिकेट” ए और बी फॉर्म के आधार पर नामांकन दाखिल किया है.

कांबले का दावा है कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के तहत यह सीट शिंदे गुट को दी गई थी और ऐसे में भाजपा द्वारा पहले जारी किए गए ए और बी फॉर्म बाद में वापस ले लिए गए थे. इसके बावजूद भाजपा उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार किया गया, जो नियमों के खिलाफ है.

एडवोकेट विशाल आचार्य के जरिए दायर याचिका में कांबले ने केलुसकर का नामांकन रद्द करने, रिटर्निंग ऑफिसर को भाजपा का कमल चुनाव चिन्ह आवंटित करने से रोकने और सायन-कोलीवाड़ा क्षेत्र में भाजपा के प्रतीक चिन्ह से प्रचार पर रोक लगाने की मांग की थी.

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यह भी पढ़ें: बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश: चुनाव ड्यूटी पर कोर्ट स्टाफ नहीं जाएगा, चीफ जस्टिस के घर देर रात हुई सुनवाई

कई अन्य उम्मीदवारों ने भी की थी मांग

हालांकि, याचिका का उल्लेख किए जाने पर हाईकोर्ट की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम इसमें आपकी मदद नहीं कर सकते.” अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में उचित मंच निचली अदालत या चुनाव याचिका है.

इसी तरह एक अन्य याचिका विखरोली से AIMIM उम्मीदवार अनवर अब्दुल्ला शेख की ओर से रखी गई. शेख का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने एक फॉर्म पर हस्ताक्षर न होने के आधार पर खारिज कर दिया था. उनके वकील नवीन सिंह ने दलील दी कि महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव नियम, 1966 के नियम 13(4) के तहत गैर-मौलिक त्रुटियों के आधार पर नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता.

यह भी कहा गया कि यदि मामले की तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो 15 जनवरी को होने वाले BMC चुनाव लड़ने का मौका खत्म हो जाएगा. लेकिन हाईकोर्ट ने इस याचिका पर भी हस्तक्षेप से इनकार करते हुए निचली अदालत जाने की छूट दी. इसके बाद याचिकाकर्ता ने तुरंत मुंबई सत्र न्यायालय का रुख किया, जहां सुनवाई हुई. इसी तरह महाराष्ट्र के आंतरिक हिस्सों से आई एक अन्य चुनावी याचिका को भी हाईकोर्ट ने सुनने से मना कर दिया.

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