'डोर टू डोर' वैक्सीनेशन पर BMC का बॉम्बे हाइकोर्ट में जवाब- केंद्र की गाइडलाइंस का इंतजार

बीते दिन बॉम्बे हाइकोर्ट ने बीएमसी से पूछा था कि क्या वह वृद्धों और विकलांगों को घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने में सक्षम है? कोर्ट ने बीएमसी से कहा कि अगर वह यह काम करना चाहे तो अदालत इसकी अनुमति दे सकती है, भले ही केंद्र ने इस तरह के किसी अभियान के लिए हामी नहीं भरी हो. 

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बॉम्बे हाइकोर्ट बॉम्बे हाइकोर्ट

विद्या

  • मुंबई ,
  • 20 मई 2021,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST
  • बॉम्बे हाइकोर्ट में BMC का जवाब
  • 'डोर टू डोर' वैक्सीनेशन पर BMC का हलफ़नामा

कोरोना संकट के बीच डोर टू डोर वैक्सीनेशन को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बॉम्बे हाइकोर्ट में कहा है कि निगम ने अब तक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का पालन किया है. बीएमसी ने हाईकोर्ट में अपने हलफनामे में कहा कि जब केंद्र सरकार द्वारा 'डोर टू डोर वैक्सीनेशन' के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, तो इसे लागू किया जाएगा.  

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आपको बता दें कि बीएमसी का यह जवाब बुधवार को हाईकोर्ट द्वारा किए गए प्रश्न के जवाब में आया है, जिसमें पूछा गया था कि क्या बीएमसी बुजुर्ग और विकलांग नागरिकों का कोविड-19 के लिए घर-घर वैक्सीनेशन कर सकती है. 

बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, मंगला गोमरे द्वारा दायर एक हलफनामे में गुरुवार को कहा गया है कि जब भी केंद्र सरकार द्वारा 'डोर टू डोर वैक्सीनेशन' के लिए गाइडलाइन आएगी, इसे लागू किया जाएगा. बीएमसी ने कहा कि अभी तक इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा कोई नीति नहीं बनाई गई है और निगम ने हमेशा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया है.

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हलफनामे में बीएमसी की ओर से यह भी कहा गया है कि निगम वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने के लिए सभी संभावित संसाधनों से वैक्सीन का अधिक स्टॉक हासिल करने की पूरी कोशिश कर रहा है. हलफनामे में कहा गया है कि वैक्सीन स्टॉक की उपलब्धता के अधीन बीएमसी मुंबई में वैक्सीनेशन अभियान के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश का पालन करेगी.

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गौरतलब है कि बीते दिन बॉम्बे हाइकोर्ट ने बीएमसी से पूछा था कि क्या वह वृद्धों और विकलांगों को घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने में सक्षम है? कोर्ट ने बीएमसी से कहा कि अगर वह यह काम करना चाहे तो अदालत इसकी अनुमति दे सकती है, भले ही केंद्र ने इस तरह के किसी अभियान के लिए हामी नहीं भरी हो. 

कोर्ट ने बीएमसी से इस मसले पर गुरुवार (20 मई) को एफीडेविट लगाकर यह बताने के लिए कहा कि वृद्धजनों, विकलांगों का समुचित मेडिकल केयर के साथ वह वैक्सीनेशन का अभियान चला पाएगी या नहीं. 

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