गुजरात की साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक अहमद की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई टली गई है. अब अगले हफ्ते इस याचिका पर सुनवाई होगी. जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ के सामने सुनवाई के दौरान अतीक अहमद के वकील ने जान को खतरा बताते हुए गुजरात की अहमदाबाद जेल से यूपी ट्रांसफर न करने की गुहार लगाई. वकील ने कहा कि हमने अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल किए हैं. अदालत उन पर गौर करे. उन्होंने कहा कि कुछ और दस्तावेज भी फाइल करने हैं, इसलिए आज होने वाली सुनवाई टाल दी जाए. इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दी.
याचिका में अतीक ने यह दी है दलील
अतीक अहमद ने अपनी याचिका में कहा है कि यूपी सरकार के कुछ मंत्रियों के बयान से ऐसा लगता है कि उनका फर्जी एनकाउंटर किया जा सकता है. सीएम आदित्यनाथ योगी ने माफिया और आरोपियों को मिट्टी में मिला देने की बात कही है. वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक गाड़ी पलटने की आशंका भी जता चुके हैं. अगर उन्हें यूपी भी लाया जाए तो सेंट्रल फोर्स की सुरक्षा में लाया जाए नहीं तो उनके मामलों का ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही हो. अगर पुलिस कस्टडी में रखकर ही पूछताछ करनी है तो गुजरात में ही कोर्ट परिसर के आसपास गुजरात पुलिस की निगरानी में ही ये सब किया जाए.
24 फरवरी को हुई थी उमेश की हत्या
प्रयागराज में 24 फरवरी को दिनदहाड़े राजूपाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल जब अपने घर जा रहे थे, तब गली के बाहर कार से निकलते वक्त उन पर शूटरों ने फायरिंग कर दी थी. इस दौरान बम भी फेंके गए थे. इस हमले में उमेश पाल और उनके दो गनर्स की मौत हो गई थी. यूपी को दहला देने वाला उमेश पाल हत्याकांड पुलिस के सामने एक चुनौती बनकर खड़ा है.
उमेश पाल की पत्नी जया पाल की शिकायत पर पुलिस ने अतीक अहमद के साथ ही अतीक के भाई, पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक अहमद के दो बेटों और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. यूपी पुलिस और एसटीएफ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है.
कनु सारदा / संजय शर्मा