बिक्लू शिवु हत्याकांड मामले में बीजेपी विधायक बायरती बसवराज की गिरफ्तारी, SC ने जमानत याचिका ठुकराई

बेंगलुरु से बीजेपी विधायक बायरती बसवराज को गिरफ्तार कर लिया गया है. बिक्लू शिवु हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने यह एक्शन लिया है. विधायक को एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया.

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गुजरात से लौटे बायरती बसवराज को पुलिस ने किया गिरफ्तार (Photo: ITG) गुजरात से लौटे बायरती बसवराज को पुलिस ने किया गिरफ्तार (Photo: ITG)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:10 PM IST

सुप्रीम कोर्ट की ओर से झटका मिलने के बाद कर्नाटक में बीजेपी विधायक बायरती बसवराज को राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने विधायक की बिक्लू शिवु हत्या मामले में अग्रिम जमानत याचिका को ठुकरा दिया है. इससे पहले भी इस मामले में जमानत याचिका ख़ारिज की जा चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट की सीजआई की अगुवाई वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. इस दौरान पीठ ने कहा कि लोकसेवक के रूप में बसवराज को केस में पूरी तरह से सहयोग करना चाहिए. पीठ ने यह भी साफ़ किया कि अगर उन्हें नियमित ज़मानत चाहिए तो इसके लिए वह अप्लाई कर सकते हैं.

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अभियोजन पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि मामले की पारदर्शिता से जांच करने के लिए जरूरी है कि बसवराज को हिरासत में लिया जाए और फिर पूछताछ की जाए. वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि उनके पास ऐसे प्रूफ मौजूद हैं जो कि विधायक को आरोपियों से जोड़ रहा है. 

ज़मानत याचिका कोर्ट से ख़ारिज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका के चलते बीजेपी विधायक कथित तौर पर गुजरात में थे. कोर्ट के फैसले के बाद वह केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पहुंचे. शाम क़रीब 6:55 पर पुलिस की टीम वहां पहुंचती है और उन्हें गिरफ्तार करती है. 

अब आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा बसवराज की अग्रिम जमानत का आवेदन खारिज किए जाने के बाद अब नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प खुला हुआ है. इस फैसले के बाद मामला और अधिक संवेदनशील और जटिल हो गया है, क्योंकि अब आगे की प्रक्रियाएं पूरी तरह से अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की पेश किए गए रिपोर्टों पर आधारित होंगी.

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बात करें राजनीतिक परिप्रेक्ष्य की तो इस पूरे घटनाक्रम को कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. बसवराज का मामला पहले से ही सुर्खियों में था और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसकी राजनीतिक गूंज और भी बढ़ गई है.

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