'कॉफी खत्म, एक्स्ट्रा टेबल चार्ज शुरू...', बेंगलुरु के रेस्टोरेंट में रियल एस्टेट और पॉलिटिकल मीटिंग्स के लिए नया नियम

बेंगलुरु के कैफे और रेस्तरां 'टेबल चार्ज सिस्टम' लागू करने जा रही है. कॉफी या खाना खत्म होने के बाद लंबे समय तक टेबल पर बैठे रहने पर ग्राहकों को जुर्माना भरना होगा. कैफे में राजनीतिक बहस और रियल एस्टेट मीटिंग्स को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है.

Advertisement
कैफे में ज्यादा देर तक बैठने पर 500 से 100 रुपए तक जुर्माना लगेगा. (Photo: Representational) कैफे में ज्यादा देर तक बैठने पर 500 से 100 रुपए तक जुर्माना लगेगा. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

कैफे में बैठकर लंबी राजनीतिक बहस करने वालों और रियल एस्टेट मीटिंग करने वालों के लिए बुरी खबर है. दरअसल बेंगलुरु के रेस्तरां और कैफे, टेबल पर जरूरत से ज्यादा समय बैठने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है. 

बृहत् होटल ओनर्स एसोसिएशन ने हाल ही में एक मीटिंग में शहर के कैफे में टेबल चार्ज सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत कॉफी या खाना खत्म होने के बाद भी अगर कस्टमर लंबे समय तक टेबल पर बैठा रहता है तो उसे 500 से 1000 रुपए तक फाइन देना होगा. 

Advertisement

बता दें कि बेंगलुरु के कई कैफे और रेस्तरां में पहले से ही राजनीतिक बहस और रियल एस्टेट मीटिंग से परहेज करने के बोर्ड लगाए हुए हैं. हालांकि अब तक इन पर इस तरह का जुर्माना लगाने का कोई नियम नहीं था.

लंबे समय तक टेबल पर बैठे रहते हैं ग्राहक

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केंगेरी के एक होटल के मालिक ने कहा, 'तीन-चार लोग आते हैं और रियल एस्टेट पर चर्चा करने के लिए हर बार दो-तीन या तीन-चार कॉफी या चाय ऑर्डर करते हैं. वो 45 मिनट से ज्यादा देर तक इस पर चर्चा करते रहते हैं. इस दौरान दूसरे कस्टमर इंतजार कर रहे होते हैं. ये रोज की बात है और हम उन्हें कितनी बार समझा सकते हैं? वो स्थानीय लोग हैं और हम उनसे बहस नहीं कर सकते.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: UP के बाद हिमाचल में भी फरमान जारी, होटल-ढाबों और रेस्तरां वालों के लिए जारी सख्त आदेश

पीक टाइम पर खाली नहीं मिलती टेबल

बृहत् बेंगलुरु होटल ओनर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पीसी राव ने बताया, 'वो (कस्टमर) होटलों में जगह घेर लेते हैं और माहौल खराब करते हैं. लंबे समय तक टेबल ब्लॉक रखते हैं और पीक टाइम में रुकावट पैदा करते हैं. अगर हम इसे ऐसे ही छोड़ देते हैं, तो ऐसा लगेगा कि हम इस तरह की हरकत को बढ़ावा दे रहे हैं. इसलिए हमने ये कदम उठाया है.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement