> दोस्त - तेरी बीवी ने तुझे घर से क्यों निकाला?
मंटू - तेरे ही कहने पर उसे चेन गिफ्ट किया था, इसलिए निकाला...
दोस्त - चेन चांदी की थी क्या?
मंटू- नहीं साइकिल की.
> एक सिपाही ने मौका-ए-वारदात से थानेदार को फोन किया
जनाब, यहां एक औरत ने अपने पति को गोली मार दी.
थानेदार - क्यों?
सिपाही - क्योंकि आदमी पोंछा मारे हुए फर्श पर चढ़ गया था.
थानेदार - गिरफ्तार कर लिया औरत को?
सिपाही - नहीं साहब, अभी पोंछा सूखा नहीं है.
> संजू अपनी गर्लफ्रेंड के पिता से मिलने गया..
लड़की का पिता- मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटी अपनी पूरी जिंदगी एक मूर्ख इंसान के साथ गुज़ारे.
संजू- बस अंकल, इसीलिए तो मैं उसे यहां से ले जाने आया हूँ
दे जूते..दे चप्पल..
> एक बार एक दादा-दादी ने जवानी के दिनों को याद करने का फैसला किया…
अगले दिन दादा फूल लेकर वहीं पहुंचे जहां वो जवानी में मिला करते थे,
वहां खड़े-खड़े दादा के पैरों में दर्द हो गया
लेकिन दादी नहीं आईं,
घर जाकर दादा गुस्से से, “आईं क्यों नहीं?
दादी शर्माते हुए,' मम्मी ने आने नहीं दिया'.
> लड़की देखने हरीश सपरिवार पहुंचा.
उनके सामने लड़की के गुणों की प्रशंसा की जा रही थी.
लड़की वालों ने कहा, 'सीमा की आवाज कोयल जैसी है,
उसकी गर्दन तो मोरनी के जैसी है, चाल हिरणी जैसी और स्वभाव में से तो गाय है.'
हरीश ने कहा, 'जी, क्या इसमें कोई इंसानी गुण भी हैं?
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> सुबह-सुबह पत्नी नींद से उठते ही बोली, “अजी सुनते हो?”
पति- बोलो! क्या हुआ?”
पत्नी- मुझे सपना आया कि आप मेरे लिए हीरों का हार लेकर आए हो
पति- ठीक है, तो वापिस सो जाओ और पहन लो.
> डॉक्टर- जब तुम तनाव में होते हो क्या करते हो?
मरीज- जी, मंदिर चला जाता हूं...
डॉक्टर- बहुत बढ़िया, ध्यान-व्यान लगाते हो वहां?
मरीज- जी नहीं, लोगों के जूते चप्पल मिक्स कर देता हूं, फिर उन लोगों को देखता रहता हूं...
उनको तनाव में देख कर मेरा तनाव दूर हो जाता है.
> संजना तीसरी बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंटरव्यू देने पहुंची
ऑफिसर- अगर एक तरफ आपके पति हो और दूसरी तरफ
आपका भाई हो तो आप क्या मारोगी ?
संजना- पति
ऑफिसर-अरे मैडम आपको तीसरी बार बता रहा हूँ कि
आप ब्रेक मारोगी.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)
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