जब भिखारी ने कहा- भगवान के नाम पर कुछ दे दो, महिला की बात सुनते ही साध ली चुप्पी

सेहतमंद रहने के लिए हंसना और खुश रहना बहुत जरूरी है.जब आप खुश और टेंशन फ्री होते हैं तो आपके चेहरे पर चमक आ जाती है.हल्की सी मुस्कुराहट किसी की खूबसूरती में चार-चांद लगा देती है. ऐसे में हम आज फिर लेकर आए हैं सोशल मीडिया पर वायरल जोक्स, जिन्हें पढ़कर आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

> भिखारी (महिला से)- भगवान के नाम पर कुछ दे दो
महिला- मेरे पास कुछ नहीं है
भिखारी- बस 5 रुपये का सवाल है
महिला- हां पूछो, क्या पता मुझे आता हो!


> पत्नी (पति से)- कल जो भिखारी आया था, वो बहुत बदतमीज था
पति- क्यों क्या हुआ?
पत्नी- कल मैंने उसे खाना दिया था और आज वो मुझे एक किताब देकर गया है,
पति- कौन सी किताब?
पत्नी- खाना पकाना सीखें!

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> टीचर- अगर कोई स्कूल के सामने बम रख जाए, तो तुम क्या करोगे?
छात्र- एक-दो घंटे देखेंगे, अगर कोई ले जाता है तो ठीक है,
वरना स्टाफ रूम में रख देंगे.

 

औरतों की सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
काम करे तो सांस फूल जाती है,
और बैठ जाए तो सास फूल जाती है.
कुछ न करे तो बेचारी खुद फूल जाती है!

ऐसे ही जोक्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

> प्रोफेसर- क्या आप जानते है wife झगड़ालू क्यों होती है ?
छात्र- क्योंकि इसका फुलफॉर्म है Without Information Fighting Everytime

 

> टीटू- मम्मी आप कहती हैं कि परियां उड़ती हैं, फिर पड़ोस की आंटी क्यों नहीं उड़ती?
मम्मी- वह कब से परी हो गई?
टीटू- पापा ही तो आंटी को परी कहते हैं,
मम्मी- तो फिर बेटा आज वो परी भी उड़ेगी और तेरे पापा भी!

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> एक बार एक दादा-दादी ने जवानी के दिनों को याद करने का फैसला किया… 
अगले दिन दादा फूल लेकर वहीं पहुंचे जहां वो जवानी में मिला करते थे, 
वहां खड़े-खड़े दादा के पैरों में दर्द हो गया 
लेकिन दादी नहीं आईं,
घर जाकर दादा गुस्से से, “आईं क्यों नहीं? 
दादी शर्माते हुए,' मम्मी ने आने नहीं दिया'.

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

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