Jokes: काजू मांगने पर भड़क गईं चिंटू की भाभी, वजह सुन जोर-जोर से हंसेंगे आप

Chutukule in Hindi: चुटकुले लोगों की जिंदगी में तनाव को कम करते हैं, जिससे आप स्वयं में नई ऊर्जा महसूस करते हैं. हर इंसान के जीवन के लिए हंसना बहुत जरूरी है. जब हमारे फेस पर स्माइल होती है तो हमसे लोग भी खुश रहते हैं क्योंकि हर कोई उस शख्स के साथ रहना पसंद करता है जो हंसमुख स्वभाव के होते हैं. आपको हंसाने के लिए हम लेकर आए हैं कुछ मजेदार चुटकुले.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

> पति- मुझे समझदार औरत से शादी करनी चाहिए थी
पत्नी- समझदार औरत तुमसे कभी शादी नहीं कर सकती.
पति- मुझे बस यही साबित करना था.

> पिताजी- कहां हो बेटे? 
चिंटू- हॉस्टल में पढ़ रहा हूं, एग्जाम बहुत नजदीक हैं, इसलिए बहुत पढ़ना पड़ता है!
आप कहां हो? 
पिताजी- ठेके पे..तेरे पीछे लाइन में लास्ट में खड़ा हूं, एक हाफ मेरा भी ले लेना.

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> यमराज (औरत से) - चलो, मैं तुम्हें लेने आया हूं.
औरत - बस दो मिनट दे दो.
यमराज - दो मिनट में ऐसा क्या कर लोगी?
औरत - फेसबुक पर स्टेटस डालना है, 'Traveling to yamlok' यह सुनकर यमराज ही हो गए बेहोश.

> सोनू जलेबी बेच रहा था, लेकिन कह रहा था
आलू ले लो आलू ले लो...
राहगीर- लेकिन ये तो जलेबी है
सोनू- चुप हो जा! वरना मक्खियां आ जाएंगी.

> चिंटू की भाभी काजू खा रही थीं.
चिंटू प्यार से बोला- भाभी जी, जरा मुझे भी टेस्ट करा दो.
भाभी ने एक काजू चिंटू के हाथ में रख दिया और बाकि खुद खाने लगीं.
चिंटू- बस एक ही काजू?
भाभी ने गुस्से में कहा- हां, बाकी सबका स्वाद भी ऐसा ही है.

> मंटू परीक्षा देने गया, पेपर में सवाल पूछा गया... 
सवाल- कौन सा लिक्विड गर्म करने पर सॉलिड बन जाता है? 
मंटू का जवाब - बेसन के पकौड़े.

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> एक बार एक चींटी हाथी की पीठ पर बैठकर कहीं जा रही थी,
रास्ते में एक कच्चा पुल आ गया
चींटी ने पूछा- भाई, ये पुल पार कर लेगा या मैं उतर जाऊं?

> टीकू- खाली पेपर को बार-बार चूम रहा था...
मीकू- यह क्या है?
टीटू- मेरी महबूबा है.
मीकू- मगर ये तो खाली पेपर है.
टीकू- हां, आजकल बोलचाल बंद है.

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(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

 

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