व्यस्त रहने के कारण और जीवन की परेशानियों के बीच लोग हंसना-मुस्कुराना और खिलखिलाना कम कर देते हैं. जिसकी वजह से मानसिक तनाव का शिकार भी हो जाते हैं. मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए हंसना जरूरी है, ऐसे में माइंड और मूड फ्रेश करने के लिए आप मजेदार चुटकुले पढ़ सकते हैं.
पागलखाने में एक मरीज.
मरीज- डॉक्टर साहब आप पिछले डॉक्टर से ज्यादा अच्छे हैं.
डॉक्टर- कैसे लगा कि मैं अच्छा हूं?
मरीज- क्योंकि आप हम लोगों जैसे ही लगते हैं.
गुस्से में लाल हो गया डॉक्टर.
मम्मी- जो मेरी सारी बात मानेगा और जरा सा भी उल्टा जवाब नहीं देगा उसे मैं गिफ्ट दूंगी.
बच्चे- लो कर लो बात...इस तरह तो सारे गिफ्ट पापा ही ले जाएंगे.
मरीज- ये दवाई कैसे लेनी है ?
डॉक्टर (गुस्से में)- पैसे देकर और कैसे.
पापा- स्कूटी मोड़ते समय इंडिकेटर चालू रखा करो, ताकि लोगों को पता रहे कि किधर जा रहे हो?
बेटा- मैं कहीं भी जाऊं, लोगों को क्यों बताऊं?
चंटू- बता मंटू रोज बादाम खाने से क्या होता है ?
मंटू- एक तो बादाम खत्म होगा और दूसरा पैसा खर्च होगा.
पड़ोसन- ये जिसने मेरे खिड़की का कांच फोड़ा... वही तुम्हारा बेटा है न ?
रामू- नहीं, वो जो तुम्हारे स्कूटी की हवा निकाल रहा है न, वो मेरा बेटा है.
पति- सुतली बम है क्या??
पत्नी- दिवाली खत्म हो गयी अब सुतली बम क्यों चाहिये?
पति- तुम्हारे मायके से आया तिल का लड्डू फोड़ना है.
पति- ये सब्जी जो तुमने बनाई है इसका क्या नाम है?
पत्नी- क्यों पूछ रहे हो?
पति- मुझे भी तो ऊपर जाकर जवाब देना है जब वो पूछेंगे- क्या खाकर मरे थे?
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)