9 मार्च, 1959 को न्यूयॉर्क शहर में अमेरिकी खिलौना मेले में पहली बार 'बार्बी डॉल' प्रदर्शित की गई. इससे पहले कभी किसी ने खिलौने के रूप में इस तरह के डॉल को नहीं देखा था, जो परंपरागत रूप से प्यारी सी छोटी बच्ची के बजाय एक खूबसूरत महिला की प्रतिकृति थी.
ग्यारह इंच लंबी, सुनहरे बालों की लटों वाली बार्बी, अमेरिका में किसी प्रौढ़ मॉडल के चेहरे-मोहरे वाली पहली खिलौना गुड़िया थी. इस खिलौना प्रदर्शनी से पहले बार्बी डॉल जैसी गुड़िया देखने को कभी नहीं मिली थी.इस बार्बी डॉल खिलौने को दुनिया के सामने पेश करने के वाली महिला थी रूथ हैंडलर.
रूथ ने 1945 में अपने पति के साथ मिलकर मैटल इंक. की सह-स्थापना की थी और आगे चलकर इसी कंपनी ने बार्बी डॉल का व्यापक पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू की. इस डॉल को बनाने का आइडिया रूथ को अपनी बेटी को खेलते हुए देखकर आया. जब अपनी छोटी बेटी को एक गुड़िया की बजाय किसी बड़ी महिला की कागज की बनी प्रतिकृति से खेलते देख, रूथ हैंडलर को एहसास हुआ कि बाजार में एक प्यारी बच्ची के चेहरे मोहरे वाली परंपरागत डॉल के बजाय एक ऐसे खिलौने की जरूरत है जो छोटी बच्चियों को भविष्य की कल्पना करने की शक्ति दे.
इसलिए उन्होंने क्यूट बच्ची के बदले एक खूबसूरत युवती या किसी महिला की तरह दिखने वाली बार्बी डॉल बनाने की शुरुआत की, जिसमें बच्चियां अपना भविष्य देख सकती थीं. बार्बी का रूप-रंग लिली नामक गुड़िया पर आधारित था, जो एक जर्मन कॉमिक स्ट्रिप के किरदार पर बनी थी.
शुरुआत में तंबाकू की दुकानों में पुरुषों को एक मजाकिया गिफ्ट के रूप में बेची जाने वाली लिली गुड़िया बाद में बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई. मैटल ने लिली के अधिकार खरीद लिए और अपना खुद का संस्करण बनाया, जिसका नाम हैंडलर ने अपनी बेटी बारबरा के नाम पर रखा.
1955 में "मिकी माउस क्लब" टीवी कार्यक्रम के स्पांसर के साथ, मैटल बच्चों के लिए विज्ञापन प्रसारित करने वाली पहली खिलौना कंपनियों में से एक बन गई. उन्होंने इस माध्यम का इस्तेमाल अपने नए खिलौने को बढ़ावा देने के लिए किया और 1961 तक, बार्बी डॉल की भारी मांग के कारण मैटल ने बार्बी के लिए एक बॉयफ्रेंड भी लॉन्च किया.
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हैंडलर ने उसका नाम अपने बेटे के नाम पर केन रखा. बार्बी की सबसे अच्छी दोस्त, मिज, 1963 में आई. उसकी छोटी बहन, स्किपर, अगले साल सामने आई. पिछले कुछ वर्षों में, बार्बी की बिक्री में भारी उछाल आया—और साथ ही कई विवाद भी हुए. सकारात्मक पक्ष यह था कि कई महिलाओं ने बार्बी को 1950 के दशक की पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं के विकल्प के रूप में देखा.
उसने एयरलाइन अटेंडेंट, डॉक्टर, पायलट और अंतरिक्ष यात्री से लेकर ओलंपिक एथलीट और यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तक कई भूमिकाएं निभाईं. वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों का मानना था कि बार्बी के पास मौजूद डिज़ाइनर कपड़ों, कारों और "ड्रीम हाउस" की अंतहीन आपूर्ति बच्चों को भौतिकवादी बनने के लिए प्रोत्साहित करती है.
आलोचनाओं के बावजूद, बार्बी से संबंधित उत्पादों की बिक्री में लगातार वृद्धि होती रही और 1993 तक यह सालाना 1 अरब डॉलर से अधिक हो गई. 1959 से लेकर अब तक, बार्बी परिवार की एक अरब से अधिक गुड़िया दुनिया भर में बेची जा चुकी हैं और बार्बी अब एक वास्तविक वैश्विक प्रतीक बन चुकी है.
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