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913 रुपये का हुआ LPG सिलेंडर, जानिए फाइबर गैस सिलेंडर कितने में मिलता है

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:35 AM IST
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तेल कंपनियों ने रसोई गैस (LPG) के दाम बढ़ा दिए हैं. करीब एक साल बाद घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है. अब 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर पर 60 रुपये ज्यादा देने होंगे. इसके साथ ही 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी 115 रुपये बढ़ा दी गई है.

नई कीमतें क्या हैं?
तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOCL) की वेबसाइट पर नए रेट अपडेट कर दिए गए हैं और ये तुरंत लागू हो गए हैं.
दिल्ली: 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है.
कोलकाता: कीमत 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये हो गई है.
चेन्नई: यहां सिलेंडर 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये का हो गया है.
 

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कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
दिल्ली: अब कीमत 1883 रुपये हो गई है.
मुंबई: कीमत बढ़कर 1835 रुपये हो गई है.
कोलकाता: 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है.
चेन्नई: 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है.

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भारत में ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है. आमतौर पर लोगों के घरों में लाल रंग का भारी लोहे का सिलेंडर दिखाई देता है. लेकिन अब गैस कंपनियों ने एक नया और आधुनिक विकल्प भी बाजार में उतारा है, जिसे फाइबर या कंपोजिट गैस सिलेंडर कहा जाता है. यह सिलेंडर पारंपरिक लोहे के सिलेंडर से अलग होता है. इसका वजन हल्का होता है और इसका डिजाइन भी थोड़ा पारदर्शी होता है, जिससे अंदर बची गैस का स्तर भी देखा जा सकता है. भारत में इस तरह के सिलेंडर को खासतौर पर Indian Oil Corporation के Indane ब्रांड के तहत लॉन्च किया गया है. धीरे-धीरे शहरों में इसकी मांग बढ़ रही है क्योंकि लोग इसे हल्का, सुरक्षित और आधुनिक मानते हैं.
 

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फाइबर गैस सिलेंडर क्या होता है?
फाइबर सिलेंडर को कंपोजिट LPG सिलेंडर भी कहा जाता है. इसे लोहे की जगह खास तरह के फाइबर और प्लास्टिक कंपोजिट मटेरियल से बनाया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिलेंडर थोड़ा पारदर्शी (Transparent) होता है. यानी बिना वजन किए ही बाहर से देखा जा सकता है कि अंदर कितनी गैस बची है. इसके अलावा यह सिलेंडर लोहे के सिलेंडर की तुलना में काफी हल्का होता है, इसलिए इसे उठाना और एक जगह से दूसरी जगह रखना आसान होता है.

फाइबर गैस सिलेंडर की कीमत कितनी होती है
फाइबर गैस सिलेंडर की कीमत अलग-अलग शहरों में थोड़ी अलग हो सकती है. सामान्य तौर पर इसकी कीमत कुछ इस तरह होती है.

10 किलो फाइबर सिलेंडर
गैस रिफिल कीमत: लगभग 750 से 900 रुपये
सिक्योरिटी डिपॉजिट: लगभग 3000 से 3500 रुपये

5 किलो फाइबर सिलेंडर
गैस रिफिल कीमत: लगभग 400 से 500 रुपये
सिक्योरिटी डिपॉजिट: लगभग 2000 से 2500 रुपये

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लाल रंग के लोहे वाले सिलेंडर की कीमत
भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सिलेंडर 14.2 किलो वाला लाल रंग का स्टील सिलेंडर है.

इसकी कीमत आम तौर पर:
गैस रिफिल: लगभग 900 से 1100 रुपये (शहर के हिसाब से बदल सकती है)
सिक्योरिटी डिपॉजिट: लगभग 2000 से 2200 रुपये
इस तरह देखा जाए तो लोहे के सिलेंडर का डिपॉजिट फाइबर सिलेंडर से थोड़ा कम होता है.

फाइबर और लोहे के सिलेंडर में मुख्य अंतर
1. वजन

फाइबर सिलेंडर काफी हल्का होता है.
लोहे का सिलेंडर: लगभग 16 से 17 किलो
फाइबर सिलेंडर: लगभग 7 से 8 किलो

इस वजह से बुजुर्ग और महिलाएं इसे आसानी से उठा सकती हैं.

2. गैस का लेवल दिखाई देता है
फाइबर सिलेंडर थोड़ा पारदर्शी होता है.
इससे बाहर से ही पता चल जाता है कि गैस कितनी बची है.

जबकि लोहे के सिलेंडर में यह सुविधा नहीं होती.

3. सुरक्षा
कंपोजिट सिलेंडर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
इसमें जंग नहीं लगती
फटने की संभावना कम होती है
आग लगने पर यह धीरे-धीरे पिघलता है

4. डिजाइन
फाइबर सिलेंडर का लुक ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक होता है.
जबकि लोहे का सिलेंडर पारंपरिक डिजाइन का होता है.

5. कीमत
गैस रिफिल की कीमत में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता.

5. कीमत
गैस रिफिल की कीमत में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता.
लेकिन फाइबर सिलेंडर लेने के लिए शुरुआत में ज्यादा डिपॉजिट देना पड़ सकता है.
 

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फाइबर सिलेंडर किन लोगों के लिए बेहतर है
फाइबर सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जिनकी गैस खपत कम होती है या जिन्हें हल्का सिलेंडर चाहिए. जैसे- छोटे परिवार, छात्र, किराए पर रहने वाले लोग, कामकाजी महिलाएं, छोटे ऑफिस, स्ट्रीट फूड विक्रेता.

फाइबर गैस सिलेंडर का कनेक्शन कैसे लें
अगर आप फाइबर सिलेंडर लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नजदीकी Indane गैस एजेंसी से संपर्क करना होगा. कनेक्शन लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं.

जरूरी डॉक्यूमेंट

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पता प्रमाण

इसके बाद आपको सिलेंडर और रेगुलेटर के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा. डिपॉजिट जमा करने के बाद एजेंसी आपको सिलेंडर, रेगुलेटर और गैस पाइप देती है.

फाइबर गैस सिलेंडर के फायदे

फाइबर सिलेंडर के कई फायदे हैं- हल्का वजन, इसलिए उठाना आसान, बाहर से गैस का लेवल दिखाई देता है. जंग नहीं लगती, डिजाइन मॉडर्न होता है, सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना जाता है.

फाइबर सिलेंडर के कुछ नुकसान

शुरुआत में ज्यादा डिपॉजिट देना पड़ता है.अभी सभी शहरों में आसानी से उपलब्ध नहीं है.छोटे आकार की वजह से बड़े परिवार में जल्दी खत्म हो सकता है.

छोटे LPG सिलेंडर भी उपलब्ध
अब छोटे आकार के LPG सिलेंडर भी बाजार में उपलब्ध हैं. Indian Oil Corporation ने 2 किलो का छोटा सिलेंडर भी लॉन्च किया है, जिसे आम भाषा में “मुन्ना सिलेंडर” कहा जाता है.

इसे खासतौर पर इन लोगों के लिए बनाया गया है:

  • छात्र
  • छोटे परिवार
  • किराएदार
  • स्ट्रीट फूड विक्रेता

इस सिलेंडर को कई जगहों पर किराना दुकानों से भी खरीदा जा सकता है.

भारत का पहला धुआं-मुक्त गांव
पहले गांवों में लोग खाना बनाने के लिए लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करते थे. लेकिन अब LPG का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. कर्नाटक के Vyachakurahalli Village को देश का पहला ऐसा गांव माना जाता है जहां सभी घरों ने LPG का इस्तेमाल शुरू कर दिया. इसलिए इसे धुआं-मुक्त गांव घोषित किया गया.

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