मन में लगन और विश्वास हो तो मंजिल खुद चलकर पास आती है इसका सबूत है कालाढूंगी के रहने वाले दीपक नेगी. उत्तराखंड के एक छोटे से शहर कालाढूंगी के रहने वाले दीपक ने ना केवल अपने शहर का बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है. दीपक ने न्यूजीलैंड में आयोजित 19वीं ओशनिया मास्टर्स अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारत के लिए (गोल्ड मेडल) और एक कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीते हैं.
न्यूजीलेंड में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 12 देशों ने हिस्सा लिया. दीपक के 3 स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद कालाढूंगी में खुशी की लहर है. न्यूजीलैंड से कालाढूंगी वापस लौटने के बाद स्थानीय लोगों ने दीपक का जोरदार स्वागत किया और उन्हें बधाई दी.
दीपक नेगी प्राइवेट नौकरी करते हैं. वो गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में अकाउंट मैनेजर के पद पर हैं. दीपक बताते हैं कि दिन- रात मेहनत करने के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. उन्होंने बताया कि उनकी शिक्षा भी कस्बे कालाढूंगी से हुई है और उन्होंने भी गली कूचों से ही की. दीपक अब तक देश के नाम 8 गोल्ड मेडल कर चुके हैं साथ ही एक कास्य पदक भी जीत चुके हैं.
उन्होंने बताया कि कई सालों तक कालाढूंगी के लोगों ने इलाके में बनाने की मांग की लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया. दीपक ने अपने बलबूते देश के लिए 3 स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया लेकिन अफसोस कि उनकी इस कामयाबी पर उत्तराखंड सरकार ने उन्हें बधाई देना तक उचित नहीं समझा.
परमीता शर्मा