नागरिक संशोधन कानून पर मचे घमासान और हिंसा के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने उत्तराखंड पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है. उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश जारी किए हैं.
जामिया इलाके से शुरू हुई घटना के बाद हिंसा की आंच देश के कई राज्यों में पहुंच गई है. हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई घटना के बाद उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है. उत्तराखंड पुलिस को भी सतर्क रहने को कहा गया है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में जारी है.
असम, जामिया और लखनऊ में हुई हिंसात्मक घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. वहीं इन घटनाओं के मद्देनजर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है. पुलिस ने किसी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. पुलिस इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती, सभी जगहों पर पुलिस निगरानी रख रही है.
CM ने की अपील, अफवाहों पर न दें ध्यान
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने कहा कि राज्य में हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री ने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोग किसी के उकसावे में न आयें और जो लोग उकसाने की कोशिश कर रहे हैं उन पर कार्रवाई होगी और कुछ पर कार्रवाई की जा चुकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बिल से किसी को अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि किसी की नागरिकता वापस नहीं ली जा रही है बल्कि दी जा रही है. साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता का शांति बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी किया है.
प्रदर्शन पर पुलिस की पैनी नजर
देहरादून डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि नागरिकता कानून पर हो रहे प्रदर्शन पर पुलिस की पैनी नजर है. पुलिस सभी अलग-अलग प्रदर्शन पर पैनी नजर बनाए हुए है. किसी भी प्रदर्शन पर आपत्ति नहीं है लेकिन उत्पात पर पूरा एक्शन होगा. वाट्सएप्प ग्रुप के एडमिन भी भड़काऊ बयानबाजी या फोटो और वीडियो वायरल करने पर भी मुकदमा होगा. साथ ही यूपी से सटी सीमाओं पर कप्तानों को अलर्ट किया गया है.
दिलीप सिंह राठौड़