उत्तराखंड के प्रसिद्ध भू-बैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट 6 महीने के लंबे अंतराल के बाद 23 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. कपाट खुलने से पहले मंदिर परिसर में भव्य तैयारियां जारी हैं और इस बार सजावट को लेकर विशेष तैयारी की गई हैं. बद्रीनाथ मंदिर को इस बार करीब 21 कुंतल फूलों से सजाया जा रहा है.
रंग-बिरंगे गेंदे के फूलों के साथ सफेद फूलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार पहली बार मंदिर को फलों से भी सजाया गया है. जिससे सजावट को एक अलग रूप दिया जा रहा है. मंदिर को सजाने का काम लगातार जारी है और श्रद्धालुओं को इस बार नई तरह की सजावट देखने को मिलेगी.
कपाट खुलने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं और ऐसे में बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. देश के कोने-कोने से लोग यहां पहुंच रहे हैं और भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना हुआ है और हर कोई कपाट खुलने के उस पल का इंतजार कर रहा है.
21 कुंतल फूलों और फलों से सजा बद्रीनाथ मंदिर
श्रद्धालुओं का कहना है कि 6 महीने बाद भगवान के दर्शन का अवसर मिल रहा है, इसलिए यह पल उनके लिए बेहद खास. मंदिर के बाहर और आसपास भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. हर कोई भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए उत्साहित है और कपाट खुलने से पहले ही मंदिर में पहुंचकर मत्था टेक रहा है.
इस बार सिर्फ देश के ही नहीं बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं. यूरोप से आए छात्रों का एक समूह भी यहां मौजूद है, जो भारत के धार्मिक दौरे पर आया हुआ है. उनका कहना है कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे कपाट खुलने के समय बद्रीनाथ धाम में मौजूद हैं. वो ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करते हुए भगवान के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं.
‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ के जयकारों से गूंजा धाम
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. हर किसी के चेहरे पर खुशी और आस्था साफ नजर आ रही है. अब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने में कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं और भक्तों का इंतजार भी अपने चरम पर है. 6 महीने के बाद भगवान और भक्तों के बीच की दूरी खत्म होने जा रही है, जिसका हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है.
कमल नयन सिलोड़ी