जेल में तैनात कर्मचारियों और अपराधियों का गठजोड़ तोड़ें: CM योगी आदित्यनाथ

समीक्षा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, इटावा और प्रयागराज में निर्माणाधीन जेलों के काम की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी निर्माण के पहले उसकी प्राथमिकता और औचित्य सुनिश्चित करें.

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सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo-India Today) सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo-India Today)

नीलांशु शुक्ला

  • लखनऊ,
  • 07 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जेल में तैनात कर्मचारियों और वहां बंद अपराधियों का गठजोड़ तोड़ने के लिए हर दो महीने में नए कर्मचारियों को तैनात किया जाए. छह महीनों में जेलों की व्यवस्था में सुधार दिखनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर 1500 पुलिसकर्मियों की तत्काल नियुक्ति और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए हैं.

मंगलवार को लोकभवन में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि जो जेल शहरों के बीच में हैं, उनकी जमीन बेशकीमती हो गई है. इनको बेचकर शहर से 15-20 किमी दूर नई जेल बनवाएं. इससे इतना पैसा मिल जाएगा कि जिन शहरों में अब तक जेल नही हैं, वहां भी जेल बन जाएगी. साथ ही अतिरिक्त पैसे से सुरक्षा को मजबूती देने के लिए अन्य संसाधन भी जुटाए जा सकेंगे.

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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की बेहतरी के लिए जेलों की सुरक्षा को जहां तक संभव हो सके मजबूत करें. वहां दो लेयर में सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएं. जिनपर सुरक्षा का भार है उनकी जवाबदेही तय करें. यह सुनिश्चित कराएं कि हर मुलाकाती अनिवार्य रूप से जेलों में लगे सीसीटीवी कैमरे के सामने से होकर ही गुजरे. समय-समय पर कैमरे के इनपुट का भी विश्लेषण करें.

उनका कहना है कि सेवा प्रदाता कंपनियों और केंद्र सरकार से बात करें कि जेलों के 100-150 मीटर के दायरे में मोबाइल का सिग्नल न मिले. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े मुकदमें की प्रभावी पैरवी करें. मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिया है कि कम खर्चे में बेहतर सुरक्षा के लिहाज से बहुमंजिली बैरक बनाएं.

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समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, इटावा और प्रयागराज में निर्माणाधीन जेलों के काम की प्रगति और कार्यदायी संस्था के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी निर्माण के पहले उसकी प्राथमिकता और औचित्य को सुनिश्चित करें. कार्यदायी संस्था से मानक, काम शुरू करने ओैर समाप्त होने के समय के बाबत करार करें.

मुख्यमंत्री का कहना है कि हर महीने की प्रगति की समीक्षा करें. काम समय से पूरा न होने पर कार्यदायी संस्‍था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. समीक्षा के दौरान एक बार फिर निर्माण निगम की लेट लतीफी की बात आई. मुख्यमंत्री ने संस्था के साथ बैठक कर निर्माण की अवधि तय करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने जिला निगरानी समिति की बैठक होती है. इस बैठक में डीएम और एसएसपी जिला जज से बात कर जेलों में ही न्यायिक अधिकारियों से सुनवाई की बात भी सुनिश्चत कराएं. राजनैतिक मुकदमें अनावश्यक रूप से उत्पीड़न का जरिया बन गए हैं. इनको समाप्त कराने के लिए भी कदम उठाएं. भ्रष्टाचार के आरोप में जो कर्मचारी बर्खास्त या निलंबित हुए हैं, उनको कोर्ट से राहत न मिले इसके लिए ऐसे मुकदमों की प्रभावी पैरवी करें.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त, शिक्षक दिवस 5 सितंबर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर तय संख्या में कैदियों को रिहा करें. 70 साल से अधिक, बीमार और अशक्‍त कैदियों की रिहाई के बारे में भी सोचें.

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जानकारी के मुताबिक बैठक के दौरान यहां राजधानी में प्रस्तावित पुलिस और फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसके लिए 144 एकड़ जमीन उपलब्ध  है. विश्‍वविद्यालय के साथ यहां एक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि हर पुलिसकर्मी का लोगों के साथ वहीं व्यवहार हो जो प्रयागराज कुंभ और वाराणसी के प्रवासी दिवस के समय था. साथ ही मुख्यमंत्री ने हर रेंज में फोरेंसिक लैब की स्थापना और उनमें डिग्री एवं डिप्लोमा के पाठ्यक्रम शुरू करने के भी निर्देश दिए.

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