उत्तर प्रदेश के रामपुर में भी शनिवार को नए नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कोहराम मचा दिया. प्रशासन की इजाजत के बिना प्रदर्शनकारी जब सड़क पर उतरे, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इस पर प्रदर्शनकारी भड़क गए और पुलिस के साथ झड़प हो गई.
उपद्रियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की, तो वहीं पुलिस ने भी लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कोहराम में कई पुलिस वाले घायल हो गए, वहीं एक प्रदर्शनकारी की इसमें मौत भी हो गई.
पत्थरबाजी करने वाले ज्यादातर लोगों ने मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था. प्रदर्शनकारियों के भेष में ये असमाजिक तत्व तोड़फोड़ और हिंसा पर उतारू थे. इन उत्पातियों को काबू करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़े, फिर भी उत्पात रुका नहीं.
ईदगाह इलाके में झड़प
पुलिस और शहर के ईदगाह इलाके में हुई. यहां उलेमाओं ने प्रशासन से ईदगाह में प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इजाजत नहीं दी. सैकड़ों लोग फिर भी बाहर निकले, तो पुलिस ने इन्हें रास्ते में ही रोक दिया. इसके बाद तो वहां जैसे तांडव मच गया.
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस ने भी लाठियां फटकारीं और आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए. पुलिस ने रबर बुलेट से फायरिंग भी की. इस बीच भीड़ में मौजूद उत्पाती तत्वों ने बाइकों में आग लगाना शुरू कर दिया.
ईंट और पत्थर फेंके गए
रामपुर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में आमने सामने का संघर्ष हो गया. कुछ प्रदर्शनकारी आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए और वहां से पुलिस पर ईंट और पत्थर फेंकने लगे.
इस संघर्ष के दौरान बाद में अधिकारियों ने मौके पर आकर पुलिसकर्मियों को छुड़ाया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल की इस हिंसक झड़प में कई पुलिसवाले घायल हो गए, जबकि एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई.
रामपुर में हिंसक प्रदर्शन के बाद आला अधिकारी बरेली से रामपुर पहुंच गए. एडेजी अविनाश चंद्र ने रामपुर में शांति की अपील की. रामपुर के ईदगाह इलाके में हुई इस हिंसक झड़प के बाद शहर में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबेंड सेवा बंद कर दी गई.
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