राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोयडा के सेक्टर 110 में BDS मार्किट के पास गहरे सीवर में सफाई करते समय तीन मजदूरों की मौत हो गई. हाई टेक सिटी नोएडा में इन मजदूरों की मौत सीवर की जहरीली गैस रिसने से हुई है. दरअसल, नोएडा के सेक्टर 110 की मार्केट में शाम 5:00 बजे राजेश नाम का मजदूर सीवर में सफाई के लिए उतरा था, जब बहुत देर तक उसकी आवाज नहीं आई, तो उसको बचाने के लिए दो और मजदूर उसी सीवर में उतर गए.
तीनों मजदूर जहरीली गैस के चलते सीवर में बेहोश हो गए, बाद में शाम 7 बजे के करीब क्रेन मंगाकर तीनों मजदूरों को निकाला गया. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को मजदूरों को सीवर से निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. इसके बाद उनको जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
from the site: Three laborers die during sewer cleaning in Noida Sector 110; more details awaited
— ANI UP (@ANINewsUP)राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में के दौरान मजदूरों की मौत का यह पहला मामला नहीं हैं. इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद प्रशासन नहीं चेत रहा है. इनकी सुरक्षा के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारियों को केमिकल प्रूफ फुल बॉडी सूट, एयर पाइप, दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के साथ जूते पहनना चाहिए. ऐसी सुरक्षा प्रक्रिया नहीं अपनाने से अक्सर मजदूर की आगोश में समा जाते हैं. वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अब बड़ा सवाल यह है कि जहरीले सीवर में उतरते वक्त मजदूरों के पास में सुरक्षा के उपकरण क्यों नहीं मौजूद थे? जब 5:00 बजे तीनों मजदूर सीवर की सफाई के लिए उतरे तो आखिर क्रेन आने में इतनी देरी क्यों हो गई? सीवर में उतरने वाले सफाई कर्मियों को प्रशासन की तरफ से मास्क पहनने को क्यो नहीं दिया जाता है? सफाई कर्मियों के परिजनों की माने तो जब दो मजदूर अपने साथी को बचाने के लिए सीवर में उतरे और बहुत देर तक वो भी वापस नहीं आए तो भी क्रेन आने में बहुत वक्त लगा. इसके चलते तीनों मजदूर जहरीली गैस रिसने से बेहोश हो गए.
राम कृष्ण / मणिदीप शर्मा