दिल्ली से सटे नोएडा में दो नाबालिग छात्रों को जिलाधिकारी के नाम पर गलत पोस्ट शेयर करना भारी पड़ गया. दरअसल, दोनों नाबालिग छात्रों ने जिलाधिकारी बीएन सिंह द्वारा किए गए अवकाश पत्र के ट्वीट को एडिट किया और उसे दोबारा री-ट्वीट कर दिया. इसके बाद यह ट्वीट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
पत्र के वायरल होते ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और स्कूलों में छुट्टी को लेकर भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई. आखिरकार जिलाधिकारी को एक बयान जारी करना पड़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि यह उनके द्वारा जारी किया गया पत्र नहीं है, इसमें छेड़छाड़ की गई है.
जिलाधिकारी के आदेश पर नोएडा सेक्टर 20 थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. तभी पता चला कि ये शरारत सरकारी इंटर कालेज के दो छात्रों की है. पुलिस ने दोनों छात्रों में हिरासत में ले लिया. डीएम का कहना है कि इन दोनों छात्रों ने अपराध किया है और इनके साथ कानून के अनुसार कार्रवाई कर जेल भेजा गया है.
इस कार्रवाई के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बच्चे धरने पर बैठ गए. ये सभी बच्चे उसी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं जिसके दो नाबालिग छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इन बच्चों की मांग है कि उनके स्कूल के दोनों छात्रों को माफ किया जाए और रिहा किया जाए.
आरोपी किशोरों द्वारा हुई गलती और उन्हें माफ कर जेल से छोड़ने की मांग को लेकर मंगलवार की शाम उसी के स्कूल के दर्जनों छात्र छात्राएं डीएम आवास पर माफी मांगने के लिए पहुंचे. वहीं पुलिस उन्हें शान्त कराकर वापस भेजने में जुटी रही, लेकिन स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक उन्हें माफ नहीं करते हम वापस नहीं जाएंगे. हालांकि, पूरे मामले पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कुछ भी नहीं कहा है.
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