उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक दलित छात्र के स्कूल के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. दलित छात्र के परिजनों में इसे लेकर आक्रोश है. आक्रोशित परिजनों ने इसके खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की है. दलित छात्र के परिजनों ने जिलाधिकारी से ऐसा करने वाले अध्यापक को गिरफ्तार कराने की मांग की है.
दलित छात्र की टीसी पर जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करने के आरोपी शिक्षक को जिलाधिकारी ने तलब किया. शिक्षक ने जिलाधिकारी को बताया कि टीसी पर वही लिखा है जो स्कूल में दाखिले के समय लिखा गया था. इस पर जिलाधिकारी ने छात्र के परिजनों से हलफनामा लेकर नाम सुधारने के निर्देश दिए. यह मामला रामपुर जिले के झूले वाली स्थित प्राथमिक विद्यालय का है.
जानकारी के मुताबिक झूले वाली स्थित प्राइमरी स्कूल से एक दलित छात्र की टीसी जारी की गई जिसपर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. इससे दलित समाज में आक्रोश है. छात्र के पिता गुरदीन ने इस संबंध में कहा कि मेरा लड़का अनिकेत सरकारी स्कूल में पढ़ता है. वह कक्षा पांच पास करने के बाद टीसी लेकर आया. हमने देखा तो उसमें बाल्मीकि की बजाए कुछ और लिखा हुआ था. हमारे काम की जगह भी कुछ और लिखा था.
पिता की मांग- जल्द हो कार्रवाई
छात्र के पिता ने बताया कि वे स्कूल में अध्यापक के पास गए थे तो उन्होंने उल्टा हमें ही और फटकार लगा दी. छात्र के पिता ने कहा इस टीसी के आधार पर ही तो आगे एडमिशन होगा. जब यही गलत है तो आगे एडमिशन क्या होगा. हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई हो और हमे इंसाफ मिले. वही इस मामले पर छात्र ने बताया कि हम जब टीसी लेने गए थे, अध्यापिका ने हमें बैठाया और उसके बाद हमसे एक 10 रुपये वाला पंखा मंगवाया. टीसी लेकर जब घर गए तो चाचा ने देखा.
जिलाधिकारी ने दिए गलती सुधारने के निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादड़ ने इस संबंध में कहा कि हमने छात्र के पिता से गलती सुधारने के लिए हलफनामा देने का निवेदन किया था लेकिन उन्होंने अब तक हलफनामा दिया नहीं. जिलाधिकारी ने कहा कि अब हमने अध्यापक से ही कहा है कि आप छात्र के पिता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर हलफनामा लेकर इस गलती को दुरुस्त कीजिए.
आमिर खान