सुपरटेक ट्विन टावर मामले में SIT ने सौंपी रिपोर्ट, 26 अधिकारियों के नाम शामिल

सुपरटेक ग्रुप के ट्विन टावर प्रोजेक्ट के लिए बिल्डिंग और मैप प्लान की मंजूरी में अनियमितताओं की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. एसआईटी ने नोएडा अथॉरिटी के 26 पूर्व और मौजूदा अधिकारियों को दोषी ठहराया है. रविवार को यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई.

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सुपरटेक ट्विन टावर सुपरटेक ट्विन टावर

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 04 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 4:10 AM IST
  • सुपरटेक ट्विन टावर मामले में एसआईटी जांच पूरी
  • एसआईटी टीम ने रिपोर्ट सौंपी, 26 के नाम

सुपरटेक ग्रुप के ट्विन टावर प्रोजेक्ट के लिए बिल्डिंग और मैप प्लान की मंजूरी में अनियमितताओं की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. एसआईटी ने नोएडा अथॉरिटी के 26 पूर्व और मौजूदा अधिकारियों को दोषी ठहराया है. रविवार को यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई.

एसआईटी की जांच में जो 26 अधिकारी दोषी पाए गए हैं, उनमें से 20 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, जबकि दो की मौत हो गई है. चार मौजूदा अधिकारियों की मामले में संलिप्तता मिली है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया. इसमें से एक अधिकारी पहले से ही निलंबित चल रहे थे. वहीं, सुपरटेक के चार निवेशकों और दो वास्तुविद भी दोषी पाए गए हैं, जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि सुपरटेक द्वारा ले-आउट प्लान में आरक्षित ग्रीन बेल्ट, जिसका क्षेत्रफल लगभग सात हजार वर्ग मीटर है, को अतिक्रमण किया गया है. ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त करने और दोषी अधिकारियों पर 15 दिनों में कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोनों टावरों को गिराए जाने का आदेश दिए जाने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. इस एसआईटी की अध्यक्षता यूपी के औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल कर रहे हैं. एसआईटी ने अपनी जांच में यह पता लगाने की कोशिश की है कि सुपरटेक ट्विंस टॉवर के निर्माण में किन अधिकारियों ने बिल्डर को बार-बार नक्शा बदलने की सलाह दी थी और संशोधित नक्शे को नियमों के विरुद्ध जाकर मंजूरी दी. इसी मामले में 26 अधिकारी दोषी पाए गए हैं. 

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टावर को गिराने की तैयारी में जुटा प्रशासन
नोएडा के सेक्टर-93ए में स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट हाऊसिंग सोसाइटी में बने दोनों अवैध टॉवरों को गिराने की कवायद शुरू हो गई है. सितंबर में ही सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम ने मौके पर आकर टॉवरों की जांच की थी. बताया जा रहा है कि ट्विन टॉवर को गिराने के लिए अमेरिका या यूरोप की किसी बड़ी एजेंसी से मदद ली जा सकती है. जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराने में 1-2 करोड़ नहीं बल्कि 5-7 करोड़ से भी ज्यादा खर्चा आने की संभावना जताई जा रही है. 

 

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