आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs ministry) की तरफ से जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 (swachhta survey 2022) रैंकिग में नोएडा यूपी में पहले स्थान पर है. वहीं, देश की बात की जाए तो नोएडा एक पायदान नीचे खिसक गया है. ओवरऑल देखा जाए तो नोएडा 11 वें नंबर पर है. इस बार के सर्वेक्षण में 4355 से ज्यादा शहरों ने हिस्सा लिया था. साथ ही नोएडा को "Best Self Sustainable Medium City" पुरस्कार भी मिला है.
नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि ''नोएडा प्राधिकरण अपने खुद के संसाधनों से ही स्वच्छता से जुड़े कामों का संचालन करता है तथा इसके लिए कोई सहयोग राशि राज्य या केन्द्र सरकार से नहीं मिलती है. इसलिए नोएडा को सेल्फ सस्टेनेबल सिटी (Self Sustainable City) मानते हुए बेस्ट सेल्फ सस्टेनेबल मिडियम सिटी अवार्ड (Best Self Sustainable Medium City Award) से सम्मानित किया गया है. स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में अपनी पिछली रैंकिंग को बनाये रखने में सफल रहने के साथ नोएडा को एक नई उपलब्धि भी हासिल हुई है.''
नोएडा की तरफ से यह अवार्ड नंद यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री गोपाल गुप्ता नन्दी और सीईओ रितु माहेश्वरी ने रिसीव किया. भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने पिछले वर्ष नोएडा को गार्बेज फ्री सिटी कैटेगरी में पांच स्टार रैंकिंग दी थी. ओडीएफ का प्रमाण पत्र जारी किया था. इससे पहले नौएडा ने स्वच्छ सर्वेक्षण- 2018 में 324वां, वर्ष 2019 में 250वां, वर्ष 2020 में 25वां और वर्ष 2021 में चौथा स्थान दिया गया था.
पहले स्थान के प्रयास है जारी
नोएडा प्राधिकरण सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में प्रथम स्थान पाने की कोशिश में जुटा हुआ है. नोएडा प्राधिकरण ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में प्रतिभाग करते हुए प्रसिद्ध मूर्तिकार पदमश्री एवं पदम भूषण से सम्मानित राम वी. सुतार को नोएडा का स्वच्छता ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया था.
अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की भी सीईओ बनीं आईएएस ऋतु माहेश्वरी
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ऋतु महेश्वरी को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ का भी चार्ज दे दिया गया है. ऋतु महेश्वरी के पास नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपरेशन जैसे तीन बड़े विभाग हैं. मेरठ मंडल के कमिश्नर और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ सुरेंद्र सिंह को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है.
भूपेन्द्र चौधरी