Saharanpur: घर में बैठकर जेल की रोटी खा रहे हैं नेता, हैरान कर देगी वजह

सहारनपुर के एक नेता को ज्योतिष ने उसकी कुंडली देखकर जेल दोष होने की बात बताई थी. कुछ दिन बाद नेताजी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया. अब उन्हें कुंडली में लिखी सारी बातें सही लगने लगीं. ऐसे में उन्होंने जेल जाने से बचने के लिए जेल अधिकारियों से आग्रह कर जेल में बनी दाल-रोटी पैक करा कर मंगवाई.

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(सांकेतिक फोटो) (सांकेतिक फोटो)

अनिल कुमार भारद्वाज

  • सहारनपुर ,
  • 27 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक दिलचस्प मामला सामने आया है. यहां कुछ नेता बंधन दोष से मुक्ति पाने के लिए जेल में बनी रोटी मंगवाकर खा रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिन नेताओं की कुंडली में जेल जाने का योग होता है, उसका प्रभाव कम करने और जेल जाने से बचने के लिए यह उपाय किया जा रहा है.

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नेता जेल में बनी दाल-रोटी मंगवा कर खा रहे हैं. लोगों की मान्यता है कि कुंडली में जो लिखा होता है, वह जिंदगी में जरूर होता है. जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के एक नेता को ज्योतिष ने उसकी कुंडली देखकर जेल दोष होने की बात बताई थी. कुछ दिन बाद नेताजी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया.

इसके बाद उन्हें कुंडली में लिखी सारी बातें सही लगने लगीं और जेल जाने का डर सताने लगा. ऐसे में उन्होंने जेल जाने से बचने के लिए जेल अधिकारियों से आग्रह किया. उनसे जेल में बनी दाल-रोटी पैक करा कर मंगवाई. जैसे ही लोगों को इसका पता चला, तो यह बात सियासी हलचल में शामिल हो गई.

उपलब्ध करा देते हैं जेल की रोटी- वरिष्ठ जेल अधीक्षक

सहारनपुर की वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने आजतक के संवाददाता को फोन पर बताया, "कुछ समय पहले किसी ने अनुरोध किया था, तो उसे जेल से रोटी उपलब्ध करवा दी गई थीं. कभी-कभी पंडितों के कहने पर बंधन दोष से मुक्ति पाने के लिए लोग जेल की रोटी के लिए अनुरोध करते हैं. ऐसे में उन्हें जेल की रोटी उपलब्ध करवा दी जाती है."  

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यह सब कपोल कल्पित बाते हैं- ज्योतिर्विद राजीव शर्मा 

सहारनपुर के जाने माने ज्योतिर्विद राजीव शर्मा का कहना है, "यह सब कपोल कल्पित बातें हैं. लोग अपने आप कल्पना कर लेते हैं कि जेल की रोटी खाने से बंधन दोष से मुक्ति मिल जाती है. उन्होंने कहा कि यह टोटका सिर्फ मन की संतुष्टि मात्र के लिए है. इसका वर्णन किसी शास्त्र में नहीं है."

उन्होंने आगे बताया, "वृहद् पाराशर होरा शास्त्रम में भी इस तरह का कोई वर्णन नहीं है. बंधन दोष पिछले जन्म के गलत कर्मों का ही फल है. इस दोष से मुक्ति प्रायश्चित करके और अपने स्वभाव में बदलाव करने से ही मिल सकती है. इसमें ग्रहों को दोष देना बिल्कुल गलत है." 

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