कासगंज हिंसा: इंटरनेट सेवा फिर बहाल, सुरक्षाबलों ने किया फ्लैग मार्च

कासगंज में रह रहकर हिंसा को भड़काने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में सोमवार की रात को मालगोदाम रोड पर एक दुकान में आग लगा दी गई. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

रणविजय सिंह

  • कासगंज,
  • 30 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

उत्तर प्रदेश के कासगंज में दो समुदायों के बीच गणतंत्र दिवस को हुई हिंसा के बाद से ही इलाके में तनाव बरकरार है. हालांकि, मंगलवार को कासगंज में स्‍थ‍िति थोड़ी ठीक हुई और यहां कई दिनों से बाधित इंटरनेट सेवा को भी बहाल किया गया. इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया.

बता दें, कासगंज में रह रहकर हिंसा को भड़काने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में सोमवार की रात को मालगोदाम रोड पर एक दुकान में आग लगा दी गई. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. वहीं, उपद्रवी पुलिस के साथ लुका-छिपी का खेल भी खेल रहे हैं. पुलिस ने अब तक 112 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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बता दें, इससे पहले सूर्य प्रताप शाही ने कासगंज की घटना को 'छोटी घटना' बताया था. उन्‍होंने कहा था, 'ये गलत है और किसी मामले को अनावश्‍यक तूल देना भी सही नहीं है. एक छोटी घटना हुई जिसमें दो लोगों के साथ हादसा हुआ है. सरकार उसके बारे में गंभीर है और कार्यवाही कर रही है. कश्‍मीर से तुलना करके प्रदेश का माहौल खराब न किया जाए.'

अफवाह के बाद राहुल उपाध्‍याय आया सामने

वहीं, हिंसा में राहुल उपाध्‍याय नाम के एक युवक के भी मारे जाने की अफवाह फैली थी. इसके बाद राहुल सामने आया और बताया कि उसके एक दोस्‍त ने सोशल मीडिया पर फैली इस अफवाह के बारे में उसे बताया है. राहुल ने कहा- 'जब ये हिंसा हुई उस वक्‍त मैं कासगंज में मौजूद ही नहीं था. मैं अपने गांव गया था और मैं पूरी तरह से सही हूं.'  

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कब और क्‍यों हुई हिंसा?

26 जनवरी को कासगंज में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक युवक चंदन गुप्‍ता को गोली लगी और उसकी मौत हो गई. इसके बाद कासगंज में हिंसा भड़क गई. बताया जा रहा है कि नारे लगाने से शुरू हुआ विवाद एक युवक की मौत पर और उग्र हो गया. फिलहाल इलाके में तनाव बरकरार है.  

डीएम ने बताया कि चंदन गुप्ता की एक संकल्प संस्था है. संस्था के करीब 70-80 युवा बाइक में तिरंगा लगाकर नारे लगाते हुए शहर में परिक्रमा कर रहे थे. वडुनगर मोहल्ले में जब ये गए तो वहां पहले से जाति विशेष के लोग इकट्ठे थे. वे लोग ध्वजारोहण के बाद स्पीच दे रहे थे.  वहां इनमें आपस में वाद-विवाद हुआ. हालांकि इस बात का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है, जिससे पता चल सके कि विवाद की वजह क्या है.

मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा

वहीं, योगी सरकार ने इस मामले में मृतक चंदन गुप्ता के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. सीएम योगी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. रविवार को उन्‍होंने इस मुद्दे को लेकर DGP और मुख्य सचिव के साथ बैठक की. बैठक में योगी ने इलाके में कानून व्‍यवस्‍था को संभालने के निर्देश दिए.

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पुलिस ने 112 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस द्वारा रविवार रात जारी बयान के मुताबिक कासगंज हिंसा मामले में अब तक कुल 112 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें से 31 अभियुक्त हैं, जबकि 81 अन्य को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. हिंसा के मामले में अब तक 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इनमें से 3 कासगंज के कोतवाल की तहरीर पर पंजीकृत हुए हैं.

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