गौतमबुद्धनगर के DM सुहास एलवाई को हाईकोर्ट ने तलब किया, बिल्डर से जुड़ा है मामला

आरोप है कि जिला प्रशासन के ढीले रवैया के कारण मामला पेंडिंग में पड़ा रहा और काफी समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर के खिलाफ वसूली की कार्रवाई नहीं की गई.

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गौतमबुद्धनगर के डीएम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के आदेश दिए गए हैं. गौतमबुद्धनगर के डीएम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के आदेश दिए गए हैं.

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 28 मई 2022,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST
  • पीड़ित ने फ्लैट बुक कराया, लेकिन नहीं मिला पजेशन
  • RERA के आदेश के बावजूद नहीं की गई वसूली

गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 मई को तलब किया है. मामला एक बिल्डर से जुड़ा है. डीएम पर आरोप है कि उन्होंने रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (Real Estate Regulatory Authority) के आदेशों का पालन नहीं किया है. पीड़ित का कहना था कि पैसे चुकाने के बावजूद बिल्डर ने पजेशन नहीं दिया. मामले में RERA ने वसूली के आदेश दिए तो जिला प्रशासन ने अब तक सहयोग नहीं किया.

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जानकारी के मुताबिक, मामला 2015 का है. पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसने बिल्डर रुद्रा बिल्डवल इंफ्रा में फ्लैट बुक करवाया था. तब 45 लाख 82 हजार रुपए बिल्डर को दिए थे. उसके बावजूद फ्लैट नहीं दिया गया. उसके बाद पीड़ित ने रेरा (RERA) में शिकायत दर्ज कराई थी. रेरा ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखा और वसूली करने का आदेश दिया था.

आरोप है कि जिला प्रशासन के ढीले रवैया के कारण मामला पेंडिंग में पड़ा रहा और काफी समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर के खिलाफ वसूली की कार्रवाई नहीं की गई. बाद में पीड़ित ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और न्याय की गुहार लगाई थी. जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को तलब किया है और मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है.

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हाईकोर्ट ने आदेश में ये कहा है...

गौतमबुद्धनगर के कलेक्टर बताएं उनके खिलाफ क्यों नहीं कठोर कदम उठाने चाहिए और इसके कारणों को बताना चाहिए? रेरा के आदेश के बावजूद  याचिकाकर्ता को पैसा हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है. हाईकोर्ट ने कहा कि गौतमबुद्धनगर के कलेक्टर के खिलाफ यह दूसरा मामला है. वह 30 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे और बताएं कि उनके पास कितने मामले लंबित हैं. जिनमें अब तक राशि वसूल कर वापस नहीं करवाई गई. जबकि रेरा ने पहले ही इसे वितरित करने का निर्देश दिया है. 30 मई को इस संबंध में सूची के साथ पेश हों.

नोएडा विकास प्राधिकरण की सीईओ का मामला भी आया था सामने

बता दें कि हाल ही में नोएडा विकास प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था. ऋतु के खिलाफ अवमानना के मामले में शिकंजा कसा गया था. हाईकोर्ट ने ऋतु माहेश्वरी को पुलिस कस्टडी में लेकर 13 मई को पेश करने का आदेश दिया था. बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. वहां से गिरफ्तारी आदेश पर रोक लगा दी गई थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ऋतु माहेश्वरी को कड़ी फटकार लगाई थी. ये मामला नोएडा में बस टर्मिनल निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है.  

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