गौतमबुद्ध नगर: कोरोना टेस्ट में हर 7वां नागरिक संक्रमण का शिकार, ट्रिपल-T फार्मूला से बनेगी बात?

स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि संक्रमण रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच किया जाना जरूरी है. यही वजह है कि नोएडा में अब रोज करीब 5000 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

तनसीम हैदर

  • नोएडा,
  • 19 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST
  • पिछले 4 दिनों में करीब 15000 लोगों की जांच हुई इनमें से 2250 संक्रमित पाए गए
  • नोएडा में अब रोज करीब 5000 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है

गौतमबुद्ध नगर जिले में  'ट्रिपल टी फार्मूला' लागू कर दिया गया है. यानी टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दिया जा रहा है. ज़िले में रोजाना बड़ी संख्या में संक्रमित लोग सामने आ रहे हैं. जिसकी वजह से एक ओर संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पिछले एक सप्ताह में मृत्यु दर भी तेजी से बढ़ी है. जिले में सिर्फ 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक के बीच की जांच की बात की जाए तो हर सातवां व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है. पिछले 4 दिनों में करीब 15000 लोगों की जांच हुई इनमें से 2250 संक्रमित पाए गए हैं जबकि 13 अप्रैल के बाद की रिपोर्ट अभी आना शुरू नहीं हुई है. रिपोर्ट आने के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.

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स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि संक्रमण रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच किया जाना जरूरी है. यही वजह है कि नोएडा में अब रोज करीब 5000 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है. फिलहाल जांच में 15% मरीज कोरोनावायरस से संक्रमित मिल रहे हैं. जिस रफ्तार से जांच बढ़ रही है, उससे आने वाले दिनों में पॉजिटिव रेट गिर सकता है.

इस बीच जिला प्रशासन गौतमबुद्ध नगर के प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविड-19 मरीजों के लिए बेड की तादाद बढ़ाने में जुटा हुआ है. करीब 700 बिस्तर बढ़ गए हैं. नोएडा के सूर्या अस्पताल में 200, जीआर हॉस्पिटल में 200, जीएस अस्पताल में 100, त्रिपाठी अस्पताल में 100 और एसआरएस अस्पताल में 100 बेड बढ़ाए गए हैं. अब गौतमबुद्ध नगर में कुल बेड की संख्या 2458 हो गई है.

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वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 74 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान मैं भी तेजी लाई जा रही है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जिन हाउसिंग सोसायटी, सेक्टर गांवों और कस्बों से संक्रमित मिल रहे हैं, वहां कांटेक्ट ट्रेसिंग तेजी से की जा रही है. ट्रेसिंग के दौरान भी बड़ी संख्या में पॉजिटिव मरीज मिले हैं.

 

 

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