मजदूरों के मुद्दे पर अखिलेश यादव का निशाना, सीएम योगी से मांगा इस्तीफा

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के नागरिक देख रहे हैं कि समाजवादी पार्टी ही निरंतर, बिना किसी भेदभाव के राहत कार्यों में लगी है.

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अखिलेश यादव (फाइल फोटो-पीटीआई) अखिलेश यादव (फाइल फोटो-पीटीआई)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 23 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:39 PM IST

  • अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना
  • सीएम विपक्ष की आलोचना का झूठा सहारा ले रहे: अखिलेश

देश में कोरोना वायरस के कारण कोहराम मचा हुआ है. इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग भी की है.

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'संकट काल में बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली की कीमत लोगों को अपने जान-माल के नुकसान से चुकानी पड़ रही है. सत्ता में बैठे भाजपाई अपनी संकीर्ण सोच के साथ बेबस मजदूरों के मामले में भी चुनावी स्वार्थ साधने में लगे है. जनता की निगाहों में भाजपाई राहत और सेवा का सच सामने आने से बौखलाए मुख्यमंत्री विपक्ष की आलोचना का झूठा सहारा ले रहे हैं.'

अखिलेश यादव ने कहा, 'प्रदेश के नागरिक देख रहे हैं कि समाजवादी पार्टी ही निरंतर, बिना किसी भेदभाव के राहत कार्यों में लगी है. वह पीड़ितों की आर्थिक मदद भी कर रही है जबकि बीजेपी सरकार का रवैया पूर्णतया श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील और अमानवीय है. प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र जनपद वाराणसी में मजदूर मजबूरी में भटक रहे हैं. उनकी दयनीय हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.'

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उन्होंने कहा, 'स्टेशन तय न होने से ट्रेनें अटक रही हैं, बसों की भारी कमी है. प्रशासनिक अधिकारी अब भोजन पानी की व्यवस्था में भी उदासीनता बरत रहे हैं. मथुरा में एनएच-2 रायपुरा जाट गांव में मजदूरों ने जाम लगा दिया. कानपुर देहात में बारा टोल प्लाजा पर वाहन रोके जाने से श्रमिक नाराज थे. सरकारी दावों के बाद भी हकीकत यह है कि गुजरात-महाराष्ट्र से ट्रकों, बाइक, साइकिल और दूसरे साधनों से रोज हजारों श्रमिक उत्तर प्रदेश में आ रहे हैं. जो श्रमिक आ रहे हैं उनकी जिंदगी भी हर क्षण खतरे में रहती है.'

'रोजी-रोटी की कोई व्यवस्था नहीं'

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'अब तक सड़क हादसों में या परेशानी में फांसी लगाकर मरने वालों की तादाद सैकड़ों में पहुंच चुकी है. मिर्जापुर में सड़क किनारे बिहार के तीन प्रवासियों को डम्फर ने कुचल दिया. बीजेपी और संघी संगठन प्रारंभिक बड़े-बड़े दावों और प्रचार के बाद अब गरीबों की भूख प्यास भूलने लगे हैं. बाहर से आए हजारों श्रमिकों की रोजी-रोटी की कोई व्यवस्था नहीं है.'

अखिलेश यादव ने कहा, 'सभी मामलों में सरकार ने उपेक्षा और हृदयहीनता का शर्मनाक परिचय दिया. समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवार को एक-एक लाख रूपए की मदद दी है. प्रदेश में कोरोना संकट से निबटने में बीजेपी सरकार की असफलता इसी से जाहिर है कि संक्रमण के मामलें थम नहीं रहे है. सरकार के अव्यवहारिक निर्णयों से इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है. मुख्यमंत्री जब न कानून व्यवस्था संभाल पा रहे है, न अपने अधिकारियों पर अंकुश लगा पा रहे है और नहीं जनता से किए गए वादे निभा पा रहे हैं तो अपनी नाकामियों को स्वीकार करते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दे देते हैं?

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